चरखी दादरी। रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर वीरवार को जिले में पुलिस प्रशासन अलर्ट पर रहा। किसानों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता के चलते किसान रेलवे ट्रैक पर नहीं आए और जिले में लॉ एंड ऑर्डर कायम रहा। कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए 12 डीएसपी सहित 1800 पुलिसकर्मी रहे तैनात रहे। धरनास्थल से रेलवे ट्रैक तक पुलिस ने लगाए छह नाके लगाए हैं। चरखी दादरी रेलवे स्टेशन पर करीब 120 पुलिस जवान तैनात रहे। इसके अलावा शहर की ढाणी रोड फाटक पर 17 पुरुष और चार महिला पुलिसकर्मी तैनात रहीं। ढाणी रोड फाटक से लेकर ढाणी गांव की फाटक तक रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में दो जगह पुलिस जवान तैनात रहे। इन दोनों जगह 150 पुलिस कर्मचारी, तीन डीएसपी सहित वॉटर कैनेन, वज्र वाहन व दमकल विभाग की गाड़ी का भी प्रबंध था। ढाणी से टिकाण अप्रोच रोड पर पुलिस ने एक नाका लगाया ताकि रामनगर धरनास्थल से ट्रैक की तरफ बढ़ने वाले किसानों को रोका जा सके। इस नाके पर एक डीएसपी, 40 पुलिसकर्मी व अन्य सुरक्षा इंतजाम नजर आए। वहीं, धरनास्थल के समीप लगाए दो नाकों पर तीन डीएसपी सहित करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात रहे।
रेवाड़ी-हिसार रेलवे ट्रैक से नहीं गुजरी मालगाड़ी
रेवाड़ी- हिसार रेलमार्ग पर स्थित चरखी दादरी रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन करीब 40 ट्रेनों का आवागमन होता है। इनमें 20 सवारी और 20 मालगाड़ी शामिल हैं। वीरवार को रेल रोको आंदोलन के चलते दोपहर दो बजे तक इस ट्रैक से एक भी मालगाड़ी नहीं गुजरी। वहीं, सवारी गाड़ियों का आवागमन सुचारु रहा जिससे करीब पांच हजार सवारियों को परेशानी नहीं हुई।
बच्चों के साथ पहुंची महिलाएं
वीरवार को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन में अपनी भागीदारी निभाने में महिलाएं भी पीछे नहीं रहीं। सुबह करीब नौ बजे महिलाओं के धरनास्थल पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। विभिन्न गांवों की महिलाएं बच्चों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर धरनास्थल पर पहुंची। किसान भूमि बचाओ संघर्ष समिति को जिले के विभिन्न गांवों की महिलाओं ने तीन दिन पहले ही रेल रोको आंदोलन में शामिल होने की इच्छा जाहिर की थी। वीरवार को धरनास्थल पर पुरुषों की तादाद 300 से पार रही। वहीं, महिलाओं की संख्या भी करीब दो सौ रही। धरनास्थल के समीप महिला पुलिस की तादाद भी करीब 90 रही।
डीसी के साथ किसान नेताओं की हुई बैठक
डीसी मुकेश आहूजा द्वारा गठित कमेटी ने संशोधित अवार्ड राशि तय करने के लिए मंगलवार शाम से ही अपना काम शुरू कर दिया था। बुधवार देर रात डीसी मुकेश आहूजा और किसानों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक हुई। इस दौरान डीसी ने कमेटी द्वारा की गई कार्रवाई और संशोधित अवार्ड राशि तैयार होने में लगने वाले समय की जानकारी दी। इस पर किसान नेताओं ने हर घंटे अपडेट रिपोर्ट उन्हें भेजने की मांग डीसी के सामने रखी। डीसी की तरफ से उन्हें सकारात्मक आश्वासन मिला। वीरवार सुबह 11 बजे धरनास्थल पर पहुंचे किसान नेता एवं अधिवक्ता रमेश दलाल के तेवर भी नरम दिखाई दिए। बुधवार शाम रमेश दलाल ने वीरवार सुबह हर हाल में रेल रोकने का दावा किया था लेकिन वीरवार को वो डीसी और एसपी की इस मामले में गंभीरता से कुछ हद तक संतुष्ट नजर आए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब हर दिन की नहीं बल्कि घंटे की कार्रवाई की मॉनीटरिंग की जाएगी और कमेटी ढीली पड़ती नजर आई तो उसी समय रेल रोकने के लिए किसान ट्रैक पर पहुंच जाएंगे। डीसी मुकेश आहूजा ने कहा है कि ग्रीन कॉरिडोर मामले में गठित कमेटी शीघ्र अपनी रिपोर्ट दे देगी। प्रशासन इस विषय में सभी पहलुओं का गहनता से अध्ययन कर रहा है और मुआवजा राशि के निर्धारण में न्यायोचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसान संगठनों से बातचीत के बाद कहा कि जनजीवन को सामान्य रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसानों के प्रतिनिधियों को सभी तथ्यों से अवगत करवा दिया गया है और उनका रुख भी सकारात्मक दिखाई दे रहा है। प्रशासन का प्रयास है कि किसी व्यक्ति के साथ भूमि मुआवजा राशि देने में अन्याय न हो। उन्होंने कहा कि नई दरों का मूल्यांकन उचित दरों पर ही होगा।
कमेटी संशोधित अवार्ड राशि का मूल्यांकन कर रही है और जल्द रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। किसानों ने रेलवे ट्रैक पर न उतरकर प्रशासन का सहयोग किया और इसके लिए उनका धन्यवाद। सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचे इसके लिए धारा-144 लागूूू की गई। जिले में शांति कायम रही और ट्रेनों का आवागमन भी सुचारु रहा। मुकेश आहूजा, डीसी, चरखी दादरी