चरखी दादरी। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में चरखी दादरी जिला बनने के बावजूद अभी बहुत पीछे है। प्रदेश के 22वें जिले में सरकार अब तक चिकित्सकों का टोटा दूर नहीं कर पाई है। हालांकि प्रदेश के अन्य जिलों में भी चिकित्सकों की कमी है लेकिन चरखी दादरी का हाल और भी बुरा है। नियमानुसार जिले को 98 चिकित्सकों की जरूरत है लेकिन इस समय महज 22 ही नियुक्त हैं। सर्जन से लेकर कई स्पेशलिस्ट नहीं होने से मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में महंगा उपचार लेना पड़ रहा है। विभागीय अधिकारियों ने चिकित्सकों की तैनाती की डिमांड कई दफा भेजी है लेकिन अब तक सरकार ने जिले में चिकित्सकों की तैनाती नहीं की है। जिले में छह एसएमओ व 53 डेंटल सर्जन के पद तक खाली पड़े हैं। सीएचसी और पीएचसी में चिकित्सकों की कमी के चलते फार्मासिस्ट या डेंटज सर्जन से ही काम चलाया जा रहा है। ज्यादातर मरीजों को सीएचसी या पीएचसी से पहले सिविल अस्पताल और फिर वहां से पीजीआई रोहतक या भिवानी जीएच रेफर कर दिया जाता है। अमर उजाला ने जब जिले में चिकित्सकों की कमी की पड़ताल की तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पेश है जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में बनी चिकित्सकों की कमी पर एक रिपोर्ट....
पांच पीएचसी व तीन सीएचसी में नहीं 21 मेडिकल ऑफिसर
जिला स्वास्थ्य विभाग के अधीन तीन सीएचसी और 14 पीएचसी हैं। इन सभी पर चिकित्सकों की कमी है। कादमा, गोपी, रानीला, मानकावास व माई खुर्द पीएचसी पर तो स्थायी चिकित्सक ही नहीं है। माई खुर्द में एक चिकित्सक को डेपुटेशन पर भेजा गया जबकि मानकावास पीएचसी पर केवल डेंटल सर्जन ही है जो ओपीडी नहीं देख सकता। वहीं, एक सीएचसी पर छह चिकित्सक, एक एसएमओ और दो डेंटल सर्जन होने चाहिए लेकिन बौंद सीएचसी पर दो ही चिकित्सक हैं। एसएमओ और चार चिकित्सकों के पद यहां खाली पड़े हैं। झोझूकलां सीएचसी पर एक ही चिकित्सक है जबकि गोपी सीएचसी पर एक भी चिकित्सक इस समय नहीं है।
12 डिप्टी सीएमओ के पद खाली
जिले में 12 डिप्टी सीएमओ के पद हैं लेकिन सभी खाली पड़े हैं। डिप्टी सीएमओ की तैनाती न होने के चलते जिले के एमओ को डिप्टी सीएमओ का कार्यभार दिया गया है। इसके चलते कई सेवाओं का मरीजों को समय से लाभ नहीं मिल पा रहा। डिप्टी सीएमओ के जिम्मे आयुष्मान योजना, आरटीआई, सीएम विंडो, एनएचएम, पीएनडीटी, फैमिली प्लानिंग, ट्रेनिंग सहित अन्य कई काम होते हैं। डिप्टी सीएमओ की कमी भी चरखी दादरी जिले में बेहद खल रही है।
जीएच में तीन चिकित्सक अटेंड करते हैं प्रतिदिन 450 ओपीडी
चरखी दादरी जीएच को 50 की बजाय 100 बेड का किया जा चुका है लेकिन इसके मुताबिक चिकित्सकों की संख्या नहीं बढ़ाई गई है। जीएच में चिकित्सकों की भारी कमी है। नियमानुसार जीएच में 42 चिकित्सकों और तीन एसएमओ की तैनाती होनी चाहिए लेकिन इस समय तीन चिकित्सक और एक एसएमओ की नियुक्त है। जीएच में 39 चिकित्सकों के और दो पद एसएमओ के खाली पड़े हैं। इसके अलावा ईएनटी, आई, स्कीन, ऑर्थो, सर्जन व बालरोग के डाक्टर की तैनाती नहीं हुई है।
चिकित्सकों की डिमांड पर सरकार तक भेज चुके हैं लेकिन अभी नियुक्तियां नहीं हुई हैं। जिले में जितने चिकित्सक हैं उनकी सेवाएं मरीजों को नियमित मिल रही हैं। जल्द ही चिकित्सकों की तैनाती हो जाएगी और फिर पीएचसी और सीएचसी भी चिकित्सकों की कमी को हम दूर कर देंगे।
विरेंद्र यादव, सीएमओ, चरखी दादरी