झज्जर। उपायुक्त संजय जून ने कहा कि झज्जर जिले के चारों उपमंडल में स्थित होटल, रेस्तरां, शिक्षण संस्थान, अस्पताल, औद्योगिक संस्थान पर बल्क वेस्ट जनरेशन की पहचान कर तुरंत प्रभाव से नोटिस जारी किए जाएं। उपायुक्त जून मंगलवार को कांफ्रेंस हॉल परिसर में हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी द्वारा ली गई वीडियो कांफ्रेंस के बाद शहरी निकाय अधिकारियों के साथ सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के क्रियान्वयन विशेषकर बल्क वेस्ट जनरेशन के निस्तारण को लेकर की गई प्रगति की समीक्षा की। वीसी में मुख्य सचिव ने संबंधित रिपोर्ट सरकार के मैनेजमेंट इनफॉरमेशन सिस्टम यानि एसआईएस पोर्टल पर जल्द से जल्द अपलोड करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसडीएम बहादुरगढ़ तरुण कुमार पावरिया, सीटीएम अश्विनी कुमार, नगरपरिषद बहादुरगढ़ ईओ डॉ. विजयपाल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड क्षेत्रीय अधिकारी कृष्ण कुमार, नगरपालिका झज्जर सचिव नरेंद्र सैनी, नगरपालिका बेरी सचिव संजय रोहिला सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण मौजूद रहे।
होटल, रेस्टोरेंट पर विभाग का फोकस
उपायुक्त संजय जून ने वीसी उपरांत विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि बल्क वेस्ट जनरेशन और इसके प्रबंधन पर तवज्जो बढ़ाएं, जहां-जहां बल्क में वेस्ट निकलता है उसकी प्रोसेसिंग करवाकर कंपोस्ट बनवाएं। उन्होंने कहा कि जिला में होटल, ढाबे, बैंक्वेट हॉल, उद्योग व शिक्षण संस्थाएं मौजूद हैं, जहां प्रतिदिन बल्क में वेस्ट निकलता है, ऐसे प्रतिष्ठान या संस्थाएं चाहे तो मशीन खरीदकर कंपोस्ट बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि शहरी निकाय की ओर से ऐसे संस्थान को जागरूक करें और कचरे के निस्तारण बारे समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में सकोर्स एग्रीगेशन को शत-प्रतिशत रूप से सुनिश्चित बनाएं। घर-घर से ठोस व तरल कचरा अलग-अलग ही एकत्र करवाएं और उसे मैनेजमेंट प्लांट तक पहुंचाएं ताकि तरल कचरे से कंपोस्ट खाद बनाई जा सके और ठोस व प्लास्टिक जैसे कचरे को रिसाइकिल में लाया जा सके।
परिभाषा को समझें अधिकारी
उपायुक्त ने बहादुरगढ़ नगर परिषद कार्यकारी अधिकारी, झज्जर व बेरी नगरपालिकाओं के सचिवों को निर्देश दिए कि बल्क वेस्ट जनरेशन की परिभाषा को समझें, जरूरी नहीं कि एक दिन में 100 किलोग्राम वेस्ट निकलने को ही बल्क वेस्ट माना जाए बल्कि 50, 25, 15 और यहां तक की 10 किलोग्राम वेस्ट को भी बल्क वेस्ट जनरेशन मानकर वहां के कचरे का निस्तारण करवाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से निर्धारित नियमों का पालन करवाना सुनिश्चित करें।