फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कबीरवाणी असाधारण ज्ञान का भंडार : धनखड़

विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर। संत शिरोमणि कबीर दास की वाणी अमूल्य और असाधारण ज्ञान का भंडार है। छह सौ साल से हमारे जीवन में प्रासंगिक है और भविष्य में भी प्रासंगिक रहेगी। संत मत के प्रचार-प्रसार का आधार कबीरवाणी है। संत शिरोमणी कबीर दास संत मत के अग्रणी संत थे। संतों के सभी मत व पंथ पिछले लगभग छह सौ साल से संत शिरोमणि कबीरदास की वाणी पर आधारित विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए समाज उत्थान के कार्य कर रहे हैं। सोमवार देर शाम कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने संत शिरोमणि कबीर दास के 621 वें प्रकटोत्सव पर छारा चुंगी स्थित धानक समाज धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपना संबोधन देते हुए ये उदगार व्यक्त किए। कृषि मंत्री ने कहा कि संत कबीरदास का नाम ऐसे महानुभावों की श्रेणी में आता है, जिन्होंने भारतीय समाज को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय समाज से अंधविश्वास, जात-पात, रूढ़िवाद को खत्म करने की सीख दी और सामाजिक व आर्थिक रूप से आजाद करके एक स्वस्थ समाज की स्थापना की। हमें ऐसे महापुरुषों की शिक्षाओं व आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए मानव उत्थान की दिशा में कार्य करना चाहिए। प्रदेश सरकार कबीरवाणी को प्रासंगिक मानते हुए सबका साथ सबका विकास की नीति पर आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन


धर्मशालाओं को दिए 11-11 लाख रुपये
कृषि मंत्री ने अपने ऐच्छिक कोष से धानक समाज की दो धर्मशालाओं के लिए 11 -11 लाख रुपये देने की घोषणा भी की। कृषि मंत्री ने अपने दौरे के दौरान लोकसभा चुनाव में कमल खिलाकर नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने का भी आभार जताया। कार्यक्रम में कृषि विवि प्रबंधन बोर्ड सदस्य आनंद सागर, रमेश वाल्मीकि, राय सिंह, महेश कुमार, सुनील कादियान, संत सुरेहती, टीनू फौगाट, जिला प्रशासन की ओर से जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी हरिसिंह श्योराण, बीडीपीओ रामकरण सहित अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें