बादली (बहादुरगढ़)। उपमंडल के गांव इस्माइलपुर में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। वाल्मीकि मोहल्ले की महिलाओं को देवरखाना और फतेहपुर गांव से पानी मटकों में भरकर लाना पड़ रहा है। हालत यह हो गए है कि महिलाओं का गुस्सा सरकार के प्रति बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार को महिलाओं की नाराजगी गांव में पहुंचे प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के प्रति भी नजर आई। गांव में आयोजित संत कबीर जयंती कार्यक्रम के शुरू होने से पहले महिलाएं खाली मटके लेकर कार्यक्रम स्थल पर पहुंची मगर जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने महिलाओं को पानी देने का आश्वासन देकर वापस भेज दिया। बाद में जब मंत्री धनखड़ कार्यक्रम में पहुंचे तो महिलाएं पानी किल्लत की शिकायत करने लगी। मंत्री धनखड़ ने मौके पर ही मौजूद संबंधित विभाग के अधिकारियों को पानी की आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए। वहीं, गांव की महिलाएं अनिता, राज, फूलो ने बताया कि सोमवार को मंत्री ओपी धनखड़ का कार्यक्रम था तो वाल्मीकि मोहल्ले में पीने के पानी का टैंकर भेज दिया गया। टैंकर के पहुंचते ही महिलाओं की भीड़ टैंकर पर पानी भरने के लिए जुट गई। महिलाओं ने बताया कि कभी भी पानी नहीं भेजा गया जबकि सोमवार को उनके मोहल्ले में पानी का टैंकर भेज दिया गया।
दूसरे गांवों से लाती हैं पानी
वहीं मूर्ति, सुनीता, टिंकू, सावित्री, कमला और संगीता ने बताया कि गांव के वाल्मीकि मोहल्ले में कभी पानी की सप्लाई नहीं की जाती। महिलाओं को दूर दराज और दूसरे नजदीकी गांवों से पानी लाना पड़ रहा है। बार-बार मांग के बाद भी मोहल्ले में पानी की सप्लाई नहीं होने से उनके साथ भेदभावपूर्ण नजरिया दिख रहा है।
पानी की आपूर्ति सुचारु करवाई जाएगी
महिलाएं जब मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के सामने शिकायत लेकर पहुंची तो मंत्री ने मौके पर ही अधिकारियों से समस्या के समाधान के निर्देश दिए। मंत्री धनखड़ ने कहा कि गांव में पानी की सप्लाई सुचारु करवाई जाएगी और रू-अर्बन योजना के तहत गांव में कार्य किया जाएगा।