फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंडरपास मामला : रेल रोकने जा रहे आंदोलनकारी और पुलिस में हुई धक्का-मुक्की

विज्ञापन
विज्ञापन
चरखी दादरी। सी-34 फाटक पर अंडरपास निर्माण का कार्य शुरू नहीं होने पर रेल रोकने जा रहे गांधी नगर के लोगों की पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। इसमें विधायक राजदीप फौगाट, सिटी थाना प्रभारी जगराम और दो-तीन महिलाओं को मामूली चोटें आई हैं। करीब तीन घंटे तक लोग और पुलिस आमने-सामने रहे। प्रशासन की तरफ से 15 दिन में अंडरपास निर्माण का कार्य शुरू कराने का आश्वासन देकर लोगों को घर भेजा गया। हालांकि लोगों ने स्पष्ट कर दिया कि पूर्व में हुए विश्वासघातों के चलते उन्हें इस आश्वासन पर भी भरोसा नहीं है लेकिन नए अधिकारियों को काम शुरू कराने के लिए समय जरूर देंगे। विधायक राजदीप फौगाट ने कहा कि दस दिन के अंदर लोग अपने स्तर पर स्थिति स्पष्ट कर लेंगे। इस बार धोखा होने पर 30 जून को बिना प्रशासन से बातचीत के रेल रोक देंगे।
विज्ञापन

रेल रोको आंदोलन में भाग लेने के लिए सुबह आठ बजे गांधी नगर के लोग अग्रसेन सेवा सदन के सामने विधायक राजदीप और पार्षद महेश गुप्ता के नेतृत्व में एकत्र होना शुरू हो गए थे। वहीं, रेल रोको आंदोलन के मद्देनजर जिला और रेलवे प्रशासन भी अलर्ट रहा। पुलिस विभाग ने आंदोलन के मद्देनजर भिवानी और झज्जर से भी एक-एक कंपनी मंगवाई तो वहीं रेलवे पुलिस ने भी रेलवे ट्रैक की सुरक्षा में तीन कंपनियां तैनात रखीं। आंदोलन के चलते छह कंपनियां हरियाणा पुलिस की और तीन कंपनियां रेलवे पुलिस की तैनाती रहीं। वहीं, छह डीएसपी भी करीब 800 पुलिस जवानों के साथ तैनात रहे। एसडीएम सतबीर कुंडू को आंदोलन के चलते ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया।
करीब दस बजे पुलिस की तरफ से आंदोलन की अगुवाई करने वाले लोगों को आईपीसी की धारा-149 के तहत नोटिस थमाए और इनकी रिसीविंग भी ली गई। नोटिस में हिंसक गतिविधि होने की आशंका जताई गई थी। इसके बाद विधायक राजदीप फौगाट ने प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गांधी नगर संघर्ष समिति की चेतावनी के अनुसार रविवार सुबह तक प्रशासन ने अंडरपास का निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया और इसके चलते लोग रेल रोको आंदोलन करने को विवश हैं। इसके बाद लोग रेलवे स्टेशन की तरफ बढ़ने लगे। इन लोगों को पुलिस फोर्स ने गांधी नगर मोड़ पर बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। इस दौरान तीन बार पुलिस के साथ लोगों की आगे बढ़ने पर धक्का-मुक्की हुई लेकिन पुलिस उन्हें रोकने में कामयाब रही। एसडीएम के मौखिक आश्वासन को लोगों ने मानने से इंकार दिया और इसके बाद प्रशासन की तरफ से लिखित आश्वासन दिया गया। इसमें 15 दिन के अंदर अंडरपास निर्माण कार्य शुरू कराने का तर्क देकर आंदोलन को स्थगित करने की अपील की गई। इसे लोगों ने मान लिया और दोपहर करीब एक बजे आंदोलन स्थगित करने के लिए तैयार हो गए। वहीं, पार्षद महेश गुप्ता का कहना है कि प्रशासन के आश्वासन पर उन्हें भरोसा नहीं है इसलिए समयावधि पूरी होने तक वे लगातार धरने पर बैठेंगे।
विज्ञापन


पहले बैरिकेड पर लोग तो दूसरे पर पुलिस रही हावी
आंदोलन को देखकर जिला प्रशासन और रेलवे पुलिस ने अपनी तैयारियां पूरी रखी थीं। पुलिस ने अग्रसेन सेवा सदन से रेलवे ट्रैक के बीच करीब 200 मीटर की दूरी में तीन बैरिकेड लगाए। पहले बैरिकेड को तोड़कर लोग आगे बढ़े जबकि करीब 50 मीटर आगे दूसरे बैरिकेड पर पुलिस लोगों पर हावी नजर आई। पुलिस ने लोगों को न केवल रोका बल्कि इधर-उधर से रेलवे ट्रैक की तरफ बढ़ने वाले लोगों को भी खदेड़ दिया। इनमें महिलाएं भी शामिल थीं।

संख्या रही कम, विधायक ने भी माना गलती हुई
गांधी नगर के लोग अपनी अंडरपास की मांग को पांच सालों से लगातार उठा रहे हैं। एक बार रेल रोकने में कामयाब हो चुके विधायक और लोगों को प्रशासन दूसरा मौका नहीं देना चाहती। रविवार को रेल रोको आंदोलन में जहां लोगों की तादाद 200 से 250 के बीच रही तो वहीं पुलिस कर्मियों की तादाद ढाई गुना नजर आई। प्रशासन के कामयाब होने का प्रमुख कारण भी यह रहा। प्रशासन के साथ बातचीत के बाद विधायक ने भी माना की प्रदर्शन में बेहद कम संख्या में लोगों ने भाग लिया और डोर-टू-डोर न जाकर उन्होंने भी गलती की।

विधायक का कुर्ता फटा, महिलाएं हुईं चोटिल
आगे न बढ़ने देने पर विधायक राजदीप बैरिकेड पर चढ़ गए। लोगों ने उन्हें पुलिस की तरफ और पुलिस ने लोगों की तरफ धकेल दिया। इस दौरान करीब पांच मिनट तक विधायक लोहे के बैरिकेड पर रहे। आगे बढ़ने के प्रयास में विधायक को मामूली चोटें भी आईं और उनका कुर्ता भी फट गया। वहीं, विधायक ने एसडीएम के सामने कहा कि महिलाओं पर पुलिस ने डंडे भी बरसाए जिनमें उन्हें चोटें भी आईं हैं। प्रदर्शन करने वाले गांधी नगर के लोगों, पार्षद और अन्य ने भाजपा नेताओं पर अंडरपास मामले में रोड़ा अटकाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि एक आरएसएस पदाधिकारी अपनी पहुंच दिखाकर इस काम को रुकवा रहा है लेकिन अब लोग इस हक को लेकर रहेंगे और आरपार की लड़ाई उन्होंने शुरू कर दी है।

अंडरपास निर्माण के लिए प्रशासन बेहद गंभीर है। 15 दिन के अंदर निर्माण कार्य हम शुरू करवाने का भरसक प्रयास करेंगे। यही लिखित आश्वासन विधायक और लोगों को मैंने दिया। इसके बाद उन्होंने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। धक्का-मुक्की में पुलिस और प्रदर्शनकारियों को मामूली चोटें लग भी सकती हैं लेकिन प्रशासन ने पूरी नरमी बरती। - सतबीर कुंडू, एसडीएम

हमें अधिकारियों के आश्वासन पर भरोसा नहीं है। डीसी और एसडीएम नए हैं तो उन्हें दस दिन का समय हमने दिया है। अगर सकारात्मक रवैया नजर नहीं आया तो 30 जून को बड़ी तादाद में लोग रेल रोकने पहुंचेंगे। प्रदर्शनकारी महिलाओं पर पुलिस ने डंडे भी बरसाए हैं। - राजदीप फौगाट, विधायक
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें