बहादुरगढ़। गुजरात के सूरत शहर में चार मंजिला भवन में हुए हादसे के बाद शहर के अग्निशमन विभाग की नींद टूटी है। विभाग ने ऐसी बिल्डिंगों का सर्वे करके नोटिस देने का मन बनाया है, जिनमें शिक्षण संस्थान, अस्पताल, होटल व अन्य कई तरह की संस्थाएं चल रही हैं और उन्होंने अग्निशमन विभाग की ओर से एनओसी नहीं ली है। बहादुरगढ़ फायर ब्रिगेड के इंचार्ज टीआर पालीवाल ने कहा कि सोमवार को बहादुरगढ़ में सर्वे किया जाएगा और नोटिस दिए जाएंगे। शहर में कोचिंग सेंटरों के अलावा और भी बहुमंजिले इमारत हैं, जिनमें वाणिज्यिक संस्थान होटल, रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम चल रहे हैं, जहां सैकड़ों की संख्या में लोग सुबह से लेकर देर शाम तक रहते हैं, पर आपदा प्रबंधन के नाम पर कुछ नहीं है। विभाग के पास रेस्टोरेंट, नर्सिंग होम व कोचिंग सेंटरों का कोई रिकॉर्ड तो नहीं है। शहर में कोई बड़ी घटना होने पर अग्निशमन विभाग के स्टाफ के हाथ-पांव फूल जाते हैं, क्योंकि उनके आड़े संसाधनों की कमी आ जाती है। आधे-अधूरे संसाधनों से जब तक आग बुझाने का उपक्रम शुरू होता है, तब तक बेशकीमती जान-माल सब जल जाता है। शहर के किसी भी कोचिंग सेंटर के पास एनओसी नहीं है।
कोचिंग सेंटरों में नहीं हैं आग से बचाव के इंतजाम
जानकारी के अनुसार बहादुरगढ़ में कई स्थानों पर कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं, लेकिन उनमें आग से बचाव के कोई भी ठोस इंतजाम नहीं है और न ही फायर विभाग की ओर से उनके द्वारा कोई एनओसी ली गई है। अनेक जगह पर सुरक्षा को ताक पर रखते हुए बड़े स्तर पर कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं। बहादुरगढ़ के अग्निशमन विभाग ने ऐसे होटलों, कोचिंग सेंटरों और अस्पतालों को नोटिस देने की तैयारी कर ली है, जिनमें आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
जिन घरों या कामर्शियल बिल्डिंगों में सुरक्षा से खिलवाड़ करते हुए कोचिंग सेंटर चलाए जा रहे हैं, उनमें सर्वे किया जाएगा। वहीं संस्थान संचालक जब तक आग से बचने के तमाम उपकरण नहीं लगा लेते, तब तक कोचिंग सस्पेंड रखी जाए। साथ ही ऐसे अस्पताल और होटलों की भी जांच की जाएगी, जिनमें आग से बचाव के तमाम संसाधन नहीं हैं। उन्हें भी नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद भी यदि उक्त केंद्रों के संचालक बाज नहीं आते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टीआर पालीवाल, फायर ब्रिगेड अधिकारी, बहादुरगढ़।