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श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से दूर होते हैं कष्ट : किशोरी

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बहादुरगढ़। रेलवे रोड स्थित अग्रसेन धर्मशाला में रविवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हो गया। कथा की शुरुआत में शहर की सैकड़ों महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान शहर का वातावरण भक्तिमय हो गया। कथा वाचक 12 वर्षीय देवी राधा किशोरी ने पहले दिन श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत कथा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि भागवत कथा सुनने मात्र से अनेक कष्ट दूर हो जाते हैं। राधा किशोरी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण करने और सुनने से असीम शांति का अनुभव होता है। भागवत कथा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनुराग भी उत्पन्न करती है। कथा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि भागवत कथा में भगवान के जिन रूपों व लीलाओं का वर्णन है, उन्हें यदि हम अपने जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन सुखमय हो जाएगा। सभी लोग सांसारिक मोह माया के बंधन से छूटकर जीवन की सत्यता को जान पाएंगे। श्रीमद्भागवत कथा हमें मोह-माया के बंधन से मुक्त कराती है और बोध कराती है कि किस उद्देश्य के लिए हमारा जन्म हुआ है। जिस भी क्षेत्र में भागवत कथा होती है वहां का वातावरण सकारात्मक रहता है और नकारात्मकता नहीं रहती। रविवार को कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा माडल टाउन में स्थित रघुनाथ मंदिर से शुरू होकर रेलवे रोड पर कथा स्थल तक पहुंची। कलश यात्रा के दौरान श्रद्धालु झूमते हुए चले। कथा 1 जून तक चलेेगी। कलश यात्रा के दौरान कथा आयोजक नवीन मल्होत्रा, राजेश कात्याल, सुरेंद्र खुराना, प्रवीण खुराना, महेश, रोहित, गगन, वंदना, प्रदीप, मोना, पूनम, किरण, संदीप, सोहन, लखीना व हेमंत शामिल रहे।
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