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ड्रेन में नहीं डाली जाएगी सीवर की गंदगी

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बहादुरगढ़। शहर के बीचोंबीच बनाई जा रही वेस्ट जुआं ड्रेन में डाले जा रहे सीवर की गंदगी को लेकर एनजीटी सख्त हो गया है। एनजीटी जन स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद को निर्देश दिए हैं कि शीघ्र इस सीवर के पानी को बरसाती नाले में न डालकर अलग से सीवर लाइन में डायवर्ट किया जाए। मंगलवार को नगर परिषद, जन स्वास्थ्य विभाग, प्रदूषण विभाग और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ड्रेन का निरीक्षण किया गया। अब नगर परिषद व जन स्वास्थ्य विभाग 15 दिन के भीतर प्रस्ताव तैयार करेगा। इसके अलावा मुंगेशपुर ड्रेन में भी फैक्टरी वेस्ट डाला जा रहा है। इससे ड्रेन का पानी केमिकल की वजह से काला हो गया। वेस्ट जुआं ड्रेन में 8 नालों में 15 से ज्यादा कॉलोनियों का डेढ़ एमएलडी सीवर का पानी डाला जा रहा है। इसका खुलासा चार विभागों के अधिकारियों की ओर से मंगलवार को किए निरीक्षण में हुआ है। नगर परिषद और जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से 15 दिन के भीतर प्रस्ताव तैयार करने के बाद नालों को बंद कर दिया जाएगा और गंदे पानी को सीवर लाइन में जोड़ा जाएगा ताकि गंदे पानी का ट्रीटमेंट होने के बाद ही ड्रेनों में डाला जा सके। वेस्ट जुआं ड्रेन व मुंगेशपुर ड्रेन का निरीक्षण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जेई शशि भूषण, सिंचाई विभाग के एसडीओ देवेंद्र सिंह, नगर परिषद के एमई ओमदत्त, जेई दलबीर देशवाल, जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल कुमार व जेई दीपक कुमार ने किया।
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मुंगेशपुर ड्रेन का होगा जीपीएस सिस्टम से सर्वे
मुंगेशपुुर ड्रेन के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से जल्द ही जीपीएस सिस्टम के सहयोग से सर्वे किया जाएगा। इसके बाद मुंगेशपुर ड्रेन में वेस्ट डालने वाली फैक्ट्रियों के खिलाफ नोटिस दिया जाएगा और बोर्ड की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। आदेशों की अवहेलना करने वाली फैक्ट्रियों को सील भी किया जा सकता है। मंगलवार को अधिकारियों द्वारा किए गए ड्रेन के निरीक्षण के बाद सीवर के हर प्वाइंट को चिह्नित किया और उसे सीवर लाइन में डालने के बारे में चर्चा की। इस पर रिपोर्ट तैयार की गई है।

यमुना एक्शन प्लान के तहत ड्रेनों में सीवर का पानी डालने पर रोक
दरअसल, एनजीटी की ओर से यमुना एक्शन प्लान के तहत ड्रेनों में सीवर का पानी डालने पर रोक लगाई है। एनजीटी ने रोक के पीछे तर्क दिया है कि ड्रेनों के जरिये यह पानी कई नदियों तक जाता है, जिससे देश की नदियां प्रदूषित हो रही हैं। नदियों का पानी प्रदूषित होने से बचाने के लिए ड्रेनों में डाले जाने वाले सीवर को ट्रीट किया जाए। इसके लिए एनजीटी ने कॉलोनियों के सीवर को एसटीपी में जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
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ड्रेन में वेस्ट डालने वालों को दिए जाएंगे नोटिस : यादव
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि मुंगेशपुर ड्रेन का उनकी ओर से जीपीएस सिस्टम से सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद ड्रेन में वेस्ट डालने वाली फैक्ट्रियों को नोटिस थमाया जाएगा। फैक्ट्रियों की ओर से अगर ड्रेन में वेस्ट डालना बंद नहीं किया गया तो उन्हें सील भी किया जा सकता है। मुंगेशपुर ड्रेन में फैक्ट्रियों की ओर से वेस्ट डाला जा रहा है। इस कारण ड्रेन का पानी काला पड़ रहा है।

जल्द तैयार करेंगे प्लान : विजयपाल
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी विजयपाल ने कहा कि मंगलवार को नप, प्रदूषण विभाग, जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की टीम ने ड्रेन का निरीक्षण किया है। निरीक्षण में पाया गया है कि कई स्थानों पर नालों के जरिये ड्रेन में सीवर डाला जा रहा है। सीवर को बंद कराने और सीवर लाइन में जोड़ने के लिए प्लान तैयार किया जाएगा। इसके बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी।

अलग से डाली जाएगी सीवर लाइन : अनिल
जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल कुमार ने बताया कि 15 दिनों के अंदर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और ड्रेन में जा रही सीवर लाइनों को बंद करके अलग से सीवर लाइन डाली जाएगी और इन्हें उन लाइनों में डायवर्ट किया जाएगा।
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