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नपा का दावा: शहर के अधिकतर नाले हो गए साफ, हकीकत: हर मुख्य नाला सफाई के बावजूद जाम

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अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। मानसून सीजन आते ही हर साल नपा अपने नालों सुध लेती है। इस साल भी मई माह के अंत में नालों की सफाई के लिए टेंडर छोड़ा गया। जिसकी अनुमानित लागत 25 लाख रुपये है। जून के पहले सप्ताह में ठेकेदार के द्वारा नालों की सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया। अब नपा के अधिकारियों का दावा है कि उन्होंने शहर के अधिकांश नालों को साफ करवा दिया। जिस पर ग्राउंड रिपोर्ट जानने के लिए नपा की टीम ने हर उस क्षेत्र के नालों का निरीक्षण किया, जहां पर नपा ने सफाई का दावा किया था। निरीक्षण में नालों की हकीकत नपा के दावों से जुदा मिली।
-नपा का दावा और धरातल की हकीकत
दावा हकीकत
-छारा चुंगी माता गेट पर साफ अब भी काफी जगह से नाला जाम
-छिक्कारा चौक से रोहतक रोड साफ मंत्री की कोठी के सामने भी नाला जाम
-पुराना बर्फखाना रोड नाला साफ इनेलो कार्यालय के पास नाला पूरी तरह से बंद
-यादव धर्मशाला क्षेत्र नाला साफ ब्लॉक होकर गंदा पानी ओवरफ्लो

-शहर में पानी निकासी का सिस्टम
झज्जर शहर में नपा के नालों की लंबाई करीब 20 किलोमीटर है। इन नालों के द्वारा शहर के गंदे पानी की निकासी हो रही है। आंबेडकर चौक, बेरी गेट व छारा चुंगी क्षेत्र का गंदा पानी सांपला रोड एसटीपी में जाता है। कच्चा बाबरा रोड, रहणिया कालोनी, कोसली रोड का गंदा पानी कोसली रोड की ड्रेन में जाता है। जहांआरा बाग स्टेडियम, आदर्श नगर, मॉडल टाऊन व तलाव रोड का पानी ड्रेन में जाता है।
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- ये बोले शहरवासी
यादव धर्मशाला के पास हार्डवेयर की दुकान चलाने वाले दिनेश ने बताया कि नालों की सफाई के लिए इस बार कोई नहीं आया। नाले की सफाई केवल पिछले साल हुई थी। जिसके बाद से यही हालात हैं।

पुराना बर्फखाना रोड पर प्लाइवुड की दुकान चलाने वाले अमित ने बताया कि जब से नाला बना है बस एक बार सफाई हुई है। जिसके चलते अब नाला दिखाई ही नहीं देते, मिट्टी से बंद हो गया है। सफाई का दावा झूठा है।


नालों की सफाई के नाम पर केवल लूट मचाई गई है। सफाई के नाम पर केवल पॉलिथीन निकाली गई है। काफी जगहों पर नाले ब्लाक हो चुके हैं। ऐसे हालात में ठेकेदार की पेमेंट पर रोक लगानी चाहिए, संबंधित वार्ड के पार्षद से सफाई की एनओसी ली जानी चाहिए। ठेकेदार को उन्होंने हालात दिखाए थे, लेकिन उसका जवाब था कि वो सफाई कर चुके।
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- महाबीर गुर्जर, पार्षद, वार्ड-1


शहर के अधिकांश नाले साफ हो चुके हैं। छारा चुंगी पर 100 मीटर जगह बची हुई है। कुछ इसी प्रकार से कुछ जगहों पर ही सफाई का कार्य बाकी है। पेमेंट करने से पूर्व शहर के नालों की सफाई जांची जाएगी।
- नरेंद्र सैनी, सचिव, नपा झज्जर।
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