अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
हरियाणा-दिल्ली एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण परियोजना कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे के निर्माण के संबंध में नेताओं के दावे सच साबित होते नजर नहीं आ रहे हैं। सरकार की ओर से कहा जाता रहा है कि यह एक्सप्रेस वे वर्ष 2018 में बनकर तैयार हो जाएगा। लेकिन इस रोड को बना रहे एचएसआईआईडीसी का कहना है कि इसके निर्माण के लिए फरवरी 2019 तक का समय निर्धारित किया गया है।
आरटीआई से हुआ खुलासा
जनसूचना अधिकार से सरकार के नेताओं के इस दावे की पोल खुल गई है कि केएमपी का निर्माण वर्ष 2018 में पूरा हो जाएगा और वाहन इस पर तेज गति से फर्राटे भरने लगेंगे। लेकिन हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं संरचना विकास निगम लिमिटेड से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्य इस वर्ष पूरा नहीं हो पाएगा। बहादुरगढ़ के महावीर पार्क निवासी सतपाल हाडा ने गत 28 फरवरी को पत्र लिखकर एचएसआईआईडीसी से आरटीआई के तहत इस परियोजना के निर्माण कार्य के संबंध में कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी। निगम के उप महाप्रबंधक एवं राज्य जनसूचना अधिकारी ने 6 मार्च को अपने पत्र में उन्हें कुछ जानकारी भेजी है। इस पत्र के मुताबिक, कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस वे के कुंडली-मानेसर सेक्शन का अभी तक 69.9 फीसद फिजिकल वर्क ही पूरा हुआ है और निगम की ओर से इस एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य पूरा करने के लिए फरवरी 2019 तक का समय निर्धारित है।
बीओटी बेस पर हो रहा है निर्माण
छह लेन के इस एक्सप्रेस वे के बीच आने वाली चार रेलवे लाइनों पर रेलवे ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इनके लिए रेलवे से जरूरी अनुमति ली जा चुकी है। केएमपी एनएच-8 को पंचगांव के निकट फजलीवास गांव में और एनएच-10 (नया नंबर 9) को बहादुरगढ़ के आसौदा मोड़ के पास क्रॉस करेगा। निगम ने आवेदक के इस सवाल का सही जवाब नहीं दिया है कि केएमपी के निर्माण पर कितनी लागत आएगी। इस सवाल के जवाब में एसपीआईओ ने कहा है कि यह एक्सप्रेस वे बीओटी (बिल्ट ऑपरेट एंड ट्रांसफर) बेस पर बनाया जा रहा है। लेकिन वर्ष 2007 में परियोजना की शुरुआत में 2000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था।
सीएम ने 400 दिन में काम पूरा होने की बात कही थी
निगम द्वारा दी गई जानकारी से मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा 7 सितंबर 2016 को गुरुग्राम में दिए गए इस बयान पर सवालिया निशान लगता है कि इस कार्य को 400 दिन में पूरा कर लिया जाएगा। यह अवधि 6 सितंबर 2017 को पूरी हो चुकी है। जबकि निगम ने आरटीआई के तहत बताया है कि केएमपी का निर्माण पूरा करने की अवधि फरवरी 2019 निर्धारित की गई है। इसके अनुसार तो यह रोड बनने में 400 के बजाय 906 दिन लगेंगे। इससे सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है कि चालू वर्ष में इस एक्सप्रेस पर वाहन फर्राटा नहीं भर सकेंगे।
-सतपाल हाडा, आरटीआई कार्यकर्ता
केएमपी एक नजर में
कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेस-वे करीब 135.65 किलोमीटर लंबा है। इस परियोजना को वर्ष 2003 में मंजूरी मिली थी और 2007 में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया था। लेकिन तत्कालीन राज्य सरकार के कार्यकाल में मिट्टी भरत का कार्य करने के बाद निर्माण कार्य बंद हो गया था। यह कार्य करीब तीन साल ही चला। भाजपा सरकार आने पर काम ने तेजी पकड़ी। निर्माण पूरा होने के बाद इस पर वाहन नॉन स्टॉप चलेंगे। यह एक्सप्रेस वे खासतौर पर सोनीपत, सोहना, बहादुरगढ़, पलवल, झज्जर व नूहं से गुजरता है। इस सुविधा के शुरू होने से दिल्ली में वाहनों की भीड़ कम होगी। वहीं हरियाणा में ग्रामीण स्तर के वाहन चालकों को भी लाभ होगा। पलवल से कुंडली तक आवागम सुरक्षित और छोटा हो जाएगा। सोनीपत, जीटी रोड से पलवल, यूपी और पलवल, यूपी से सोनीपत, जीटी रोड पर जाना आसान हो जाएगा। 100 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से वाहन सुरक्षित दौड़ेंगे। इससे वाहनों में ईंधन की भी बचत होगी।
पिछली सरकारों पर ठीकरा फोड़ने की बजाय काम पर फोकस करे भाजपा : भुक्क्ल
प्रदेश की पूर्व शिक्षामंत्री और झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल का कहना है कि केएमपी निर्माण का लेकर सरकार को संजीदा होना चाहिए। सरकार को पिछली सरकारों पर ठीकरा फोड़ने की बजाए वर्तमान में प्रोजेक्ट पर फोकस करना चाहिए। अगर प्रोजेक्ट में कोई दिक्कत आ रही है तो समय रहते हुए उसे पूरा करवाना चाहिए। प्रोजेक्ट जल्दी पूरा होंगे तो इसमें समय व पैसे की बचत होगी, जिससे जनता का ही फायदा है।
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2016 में मुख्यमंत्री का दावा -400 दिन में तैयार करा देंगे केएमपी
आरटीआई में खुलासा- फरवरी 2019 है काम पूरा करने की डेडलाइन
इस साल केएमपी मिलने के दावे पर संशय, कुंडली-मानेसर सेक्शन पर अभी तक 69.9 फीसद काम हुआ