अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली द्वारा संसद में प्रस्तुत बजट पर शहर के उद्यमियों ने गंभीरता से ध्यान दिया। बड़े उद्यमियों ने बजट को कुल मिलाकर सही ठहराया है तो छोटे उद्यमियों ने कहा कि इस बजट से उन्हें कुछ खास नहीं मिला।
- जूता आयात पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाना सही
फुटवियर निर्माता एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार गुप्ता ने बजट को ओवरआल ठीक बताया है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की प्रवृत्ति से बचते हुए सरकार ने विकास के लिए ध्यान रखा है। फुटवियर उद्योग के लिए बजट सही है। आयातित जूते पर कस्टम ड्यूटी 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी करने के फैसले से विदेशी जूता महंगा होगा और स्वदेशी माल की मांग बढ़ेगी। सरकार का गरीब परिवारों का पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा करने फैसला अच्छा कदम है। हालांकि टैक्स स्लैब में राहत न मिलना कष्टदायी निर्णय है।
- टैक्स पर नहीं मिली पर्याप्त छूट
बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव सुभाष जग्गा का कहना है कि सरकार ने छोटे उद्योगों के लिए बजट में 3794 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है और 250 करोड़ टर्न ओवर वाली कंपनियों को टैक्स में राहत दी है। लेकिन इस बजट से उद्योगपतियों की अनेक उम्मीदें अधूरी रह गईं। अधिकतम टैक्स 30 फीसदी से घटा 20 फीसदी नहीं किया गया। व्यक्तिगत लिमिट भी कम से कम चार लाख होनी थी। इनकम टैक्स पर थोड़ी छूट दी, लेकिन काफी नहीं है। उद्योग-व्यापार को राहत नहीं मिली तो मंदी अभी बरकरार रहेगी।
- उद्यमी हितैषी नहीं बजट
बीसीसीआई के संरक्षक सुशील गोयल ने कहा कि बजट उद्योगों के लिए राहत भरा नहीं है। बीमार इकाईयों व नए उद्योगों के लिए सरकार ने कोई राहत नहीं दी। छोटे उद्योगों के लिए टैक्स में राहत मिलनी चाहिए थी, लेकिन सिर्फ 250 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले उद्योगों को ही टैक्स में राहत दी गई। छोटे उद्यमियों की भलाई के लिए सरकार ने बजट में कोई ध्यान नहीं दिया है। जबकि छोटे कारोबारियों को टैक्स स्लैब में भी बदलाव की जरूरत थी। इस वर्ग के उद्यमियों का उत्थान हो तो देश को बड़ा फायदा हो सकता है।