अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
जिले में दिव्यांगजनों के लिए अच्छी खबर है कि तकनीक के इस दौर में उनके लिए खास तौर पर तैयार किए उपकरण मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, व्हील चेयर, स्मार्ट केन व स्मार्ट फोन आदि उपलब्ध कराए जाएंगे। झज्जर जिले में नौ नवंबर को हरियाणा में सीएसआर के तहत अब तक के सबसे बड़े विशाल कृत्रिम अंग व उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन होगा। कार्यक्रम में आने वाले दिव्यांगजनों की हर सुविधा का ध्यान रखा गया है। प्रशासन की ओर से दिव्यांगजनों और उनके सहायकों के आवागमन से लेकर सत्कार तक के लिए व्यापक तैयारी की जा रही है। उपायुक्त ने बुधवार को कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर अधिकारियों की बैठक भी ली। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक उपकरण इस कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को नि:शुल्क मिलेंगे।
केंद्र सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। दिव्यांजनों के कल्याण को समर्पित इस कार्यक्रम में मिलने वाले आधुनिक उपकरण उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में आने वाले सकारात्मक बदलाव में मददगार साबित होंगे। अरावली पावर कॉर्पोरेशन के सीएसआर कार्यक्रम के तहत जिला रेड क्रास सोसायटी व एलिम्को की ओर से आयोजित इस शिविर में जिले के 1100 से अधिक दिव्यांगजन लाभांवित होंगे।
ये उपकरण किए जाएंगे वितरित
दिव्यांगजनों को 215 स्वचालित ट्राईसाइकिल, 7 स्वचालित व्हील चेयर, 108 स्मार्ट फोन व 153 स्मार्ट केन आदि अत्याधुनिक उपकरण वितरित किए जाएंगे। नेत्रहीनों के लिए तैयार की गई स्मार्ट केन में लगे सेंसर मार्ग में आने वाली बाधा को लेकर तुरंत अलर्ट देंगे। इसी तरह स्मार्ट फोन में मौजूद फीचर भी दिव्यांगजनों द्वारा आसानी से इस्तेमाल हो सकेंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल व व्हील चेयर भी बिना किसी सहायक की मदद से दिव्यांगजन स्वयं इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त भी शिविर में मिलने वाले अनेक उपकरण दिव्यांगों के इस्तेमाल में फ्रेंडली साबित होंगे।
सीएसआर का रहा सहयोग : डीसी
जिला रेडक्रास सोसायटी की अध्यक्ष एवं उपायुक्त सोनल गोयल ने बताया कि सीएसआर के तहत मिले बड़े सहयोग के साथ-साथ अत्याधुनिक उपकरणों की संख्या के लिहाज से यह कार्यक्रम हरियाणा में अब तक का सबसे बड़ा कार्यक्रम होगा। उपमंडल स्तर पर लगाए गए जांच शिविरों के माध्यम से इस कार्यक्रम के लिए दिव्यांजनों के लिए पंजीकरण किया गया था। इसके चलते इस बार लाभपात्रों की संख्या भी 1100 से अधिक है।