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जिले के लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं दिलाने को लेकर 50 एकड़ में सचिवालय निर्माण की प्रक्रिया हुई तेज

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लघु सचिवालय के लिए दो जगहों का हुआ चुनाव
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अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
एक ही छत के नीचे सभी सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार और प्रशासन के प्रयास तेज हो गए हैं। इसके लिए 50 एकड़ में सचिवालय निर्माण की प्रक्रिया पर सहमति हुई है। सेक्रेटरी रेवेन्यू और जिला प्रशासन के अधिकारियों की मीटिंग में सीसीआई परिसर को सचिवालय के लिए बेस्ट जगह माना है। इसके अलावा दादरी-दिल्ली प्रमुख सड़क पर स्थित गांव समसपुर के पास की जगह को भी उपयुक्त माना गया है। जिला प्रशासन का सुझाव है कि जिला सचिवालय के लिए 50 एकड़ जमीन की जरूरत है। सीसीआई की यह जमीन केंद्र सरकार की है। सरकार की भी यही मंशा है कि सचिवालय के लिए नई जगह का अधिग्रहण नहीं करके सरकारी जमीन को ही तवज्जो दी जाए। इस समय जिले के एक दर्जन से ज्यादा सरकारी कार्यालय किराए के भवनों में चल रहे हैं।
चरखी दादरी जिला बनने के बाद सरकारी विभागों के कार्यालयों को पुराने कार्यालयों में एडजस्ट करके चलाया जा रहा है। लघु सचिवालय बनने के बाद सही तरीके से जिले का आधारभूत ढांचा तैयार हो सकता है। वर्तमान में जिले के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी लगातार बनी हुई है। करीब 10 माह पूर्व सरकार ने चरखी दादरी प्रशासन से सचिवालय के लिए शहर और आसपास के गांवों में जमीन का सर्वे करने को कहा था ताकि जल्द से जल्द सचिवालय का निर्माण करवाया जा सके। सरकार के आदेशानुसार प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर में साइटों का निरीक्षण किया। इसमें समसपुर के समीप दिल्ली बाईपास, महेंद्रगढ़ चुंगी रोड, भिवानी रोड बाईपास के अलावा रोहतक रोड पर रावलधी- कमोद के आसपास के क्षेत्र को शामिल किया गया। तत्पश्चात प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी थी।
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अब सरकार और प्रशासन ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाया
अब सरकार और जिला प्रशासन ने सचिवालय निर्माण के लिए प्रक्रिया पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। सचिवालय निर्माण को लेकर कुछ रोज पहले सेक्रेटरी रेवेन्यू और जिला प्रशासनिक अधिकारियों की मीटिंग हुई। मीटिंग में सचिवालय के लिए जगह के चयन को लेकर गहनता से चर्चा हुई। इस दौरान चरखी दादरी जिला प्रशासन की तरफ से शहर की बंद पड़ी सीसीआई सीमेंट फैक्ट्री की खाली जमीन को बेस्ट माना। जिला अधिकारियों ने तर्क दिया कि यह सरकारी जमीन मेन रोड पर है। यह 160 एकड़ जमीन है। सचिवालय के लिए मात्र 50 एकड़ जमीन की ही जरूरत है। अगर केंद्र सरकार की मदद से इस सिरे चढ़ाया जाता है तो यह सबसे उपयुक्त जगह होगी। जिला अधिकारियों ने सीसीआई के अलावा दूसरी प्राथमिक दादरी दिल्ली- रोड स्थित गांव समसपुर की साइट को दी है। इस जगह को भी सचिवालय के लिए उपयुक्त माना गया है।

किराए के भवनों में चल रहे कार्यालय
इस समय जो भी नए जिला स्तर के कार्यालय खुले हैं उनमें कई तो किराए के भवनों में ही शुरू किए गए हैं। आरटीओ कार्यालय किराए के भवन में शुरू किया गया है। इसी प्रकार जो नए ब्लॉक बने हैं। वहां भी नई बिल्डिंग नहीं बनाई जा सकी है। पुराने भवन ही लेकर काम चलाया जा रहा है। शहर में वैसे ही कई विभाग किराए के भवनों में पहले से ही चले आ रहे हैं। खासकर पटवार भवन न होने से पटवारी आवासीय कालोनियों में किराए के कमरों में बैठकर लोगों का काम निपटा रहे हैं। कई कार्यालय दूसरे कार्यालयों से अटैच किए जा रहे हैं ताकि जैसे-तैसे काम चलाया जा सके। ऐसे में नया जिला इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी से जूझ रहा है। इस समय जिले को बड़े स्तर के सचिवालय की जरूरत बनी हुई है ताकि सभी विभागों के कार्यालय सुचारु रूप से स्थापित हो सके व जनता को भी अपने सरकारी कामकाज के लिए शहर के इधर-उधर भागों मेें नहीं भटकना पड़े। लोगों के एक ही छत के नीचे सभी प्रकार के कामकाज पूरे हो सकें।
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वर्जन--
जिला सचिवालय निर्माण को लेकर सेक्रेटरी रेवेन्यू के साथ मीटिंग हो चुकी है। अब तक सीसीआई की जमीन और समसपुर गांव में सचिवालय बनाए जाने के सुझाव सामने आए हैं लेकिन साइट का अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। जल्द ही इस प्रक्रिया को और आगे बढ़ाया जाएगा। - राजकुमार, जिला राजस्व अधिकारी
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