अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
जिले में अलग-अलग भागों में दो नहरों के टूटने से दो गांवों के किसानों की करीब 10 एकड़ में खड़ी फसल जलमग्न हो गई। सिंचाई विभाग अधिकारियों ने नहर को पीछे से बंद करवाकर पाटने का काम शुरू करवाया। बाढड़ा उपमंडल के गांव जगरामबास में चार एकड़ और दादरी के गांव ढाणी फौगाट में किसानों की छह एकड़ में खड़ी फसलें नहरी में डूब गईं। ढाणी फौगाट में नहर टूटने का कारण प्राथमिक जांच में चूहों का बिल पाया गया। इस समय नहरों में क्षमता से अधिक पानी चलने से वह ओवरफ्लो होने लगी हैं। बारिश होने पर किसानों ने नहरी पानी से ङ्क्षसचाई करना बंद कर दिया है। नहरों के पंप हाउस जर्जर होने की वजह से पानी का पर्याप्त उठान नहीं हो रहा है।
जिले की सभी नहरें इस समय ओवरफ्लो की स्थिति में हैं। नहरों में क्षमता से ज्यादा पानी चल रहा है। मेन लोहारू नहर की क्षमता 650 क्यूसेक है, लेकिन इसमें इस समय 809 क्यूसेक पानी चल रहा है। इस पानी का समायोजन न होने की वजह से नहरें ओवरफ्लो होकर टूटने लगी हैं। इससे किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है। हालांकि, विभाग ने जिले के सभी छोटे-बड़े माइनरों में भी पानी छोड़ रखा है, लेकिन फिर पानी नियंत्रण में नहीं है। सोमवार को गोकल डिस्टीब्यूटरी टूट गई। नहर में गांव रामबास के समीप दरार आ गई। इससे पानी तेजी से खेतों की ओर बहने लगा। किसानों को पता चलने पर सिंचाई विभाग अधिकारियों को सूचित किया गया। विभाग के कर्मचारियों ने मौके पर जाकर नहर के पानी को पीछे से बंद करवाया और नहर को पाटना शुरू किया। नहर टूटने से गांव रामबास के किसान पवन, सतेंद्र और कपूर की करीब तीन एकड़ में खड़ी खरीफ की फसल डूब गई। विभाग के जेई संजीव ने मौके पर जाकर जायजा लिया और नहर को ठीक करवाया। इसी प्रकार बधवाना डिस्टीब्यूटरी गांव ढाणी फौगाट के समीप ओवरफ्लो हो गई। पता चलने पर सिंचाई विभाग अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और पीछे से पानी बंद करवाकर मिट्टी के कट्टे आदि लगाकर नहर के किनारे की मरम्मत कराई। इसके बाद नहर में दोबारा से पानी चालू हो सका। इससे गांव ढाणी फौगाट निवासी किसान सतपाल, कर्ण सिंह, रणबीर सिंह, मेहर सिंह, हरपाल, किला सिंह, पाल सिंह, महावीर और कृष्ण की करीब 10 एकड़ में खड़ी कपास, बाजरा, ज्वार, ग्वार की फसल जलमग्न हो गई।
टूटी हुई दोनो नहरों को ठीक कर दिया गया है। नहरों में फिर से पानी छोड़ दिया गया है। नहरों में बढ़ रहे पानी पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पंप हाउसों पर बिजली आपूर्ति 24 घंटे सुनिश्चित की जा रही है, ताकि पंप सिस्टम फेल न हो।
वीरेंद्र लाकड़ा, एसडीओ सिंचाई विभाग
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जलमग्न खेत दिखाते गांव ढाणी फौगाट के किसान।
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नहर से खेतों में होता पानी का रिसाव।