बेरी। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ग्रामीण इलाकों में कहर ढा रही है। ग्रामीण अपने तरीके से कोरोना को हराने की जुगत लगा रहे हैं। लेकिन मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों में भले ही कोरोना से होने वाली मृत्यु दर कम दिखाई जा रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर गांवों के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसको लेकर बेेरी खंड के 36 गांवों में अमर उजाला ने कोरोना संक्रमण की स्थिति को जाना। पिछले 15 दिनों में खंड विकास पंचायत कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार 150 लोगों की मौत हो चुकी है। इसको लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बावजूद उसके प्रशासन गांवों को सैनिटाइज तक नहीं करवा रहा है।
ग्रामीण खांसी, जुकाम व बुखार होने पर खुद या मेडिकल स्टोर से दवाई ले लेते हैं। कई ग्रामीण तो कोरोना के लक्षण मिलने पर भी जांच नहीं कराते। उनका तर्क है कि यदि किसी को कोरोना पॉजिटिव पाया जाता है और उसकी मौत हो जाती है तो वह उसके शव का रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार नहीं कर सकते। क्योंकि कोरोना से मरने वाले के शव का कोविड प्रोटोकोल से अंतिम संस्कार होता है। ग्रामीण इलाकों में बढ़ते कोरानों के मरीजों की संख्या व गांव में मौतों का आंकड़ा बढ़ना भी चिंता का विषय है। इसको लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोग कोरोना की जांच करवाने से भी बचते नजर आ रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं। हालांकि कई ग्रामीण मास्क, सामाजिक दूरी बनाए रखना व सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं।
ग्रामीण घरों से बाहर निकलने में कर रहे परहेज
कोरोना महामारी के चलते ग्रामीण इलाकों में खासकर बुजुर्ग गांव में बातचीत के लिए एक जगह जुटते हैं और हुक्का पीते हैं। लेकिन वर्तमान में हर किसी को अहसास हो गया कि कोरोना संक्रमण के मद्देनजर यह खतरनाक हो सकता है। अब कोई भी बाहर हुक्का पीते हुए कोई नजर नहीं आता है। ग्रामीणों के मुताबिक पहले गांव में हुक्का पीना और ताश खेलना आम बात होती थी। इसके लिए कई ग्रामीण एक जगह जमा भी हो जाते हैं, लेकिन आजकल लोग ऐसा करने से परहेज कर रहे हैं।
वैक्सीन लगवाने से भी डर रहे लोग : सरपंच
गांव दुबलधन पाना बिध्याण सरपंच मास्टर महाबीर ने बताया कि ग्रामीण वैक्सीन लगवाने के लिए आगे कम आ रहे हैं। कहीं न कहीं उनके मन में भ्रम है कि वैक्सीन लगवाने से हानि होती है। लेकिन ऐसी बात नहीं है कि गांव में समझदार ग्रामीण वैक्सीन लगवा रहे हैं। सरपंच का कहना है कि पिछले एक माह में गांव में करीब 40 मौतें हुई हैं, जोकि सरकारी आंकड़ों में मृत्यु दर कम दिखाई जा रही है। इससे ग्रामीण घरों में दुबके रहते हैं। कई लोग इसलिए कोरोना की जांच नहीं कराते, क्याेंकि जब मृत्यु हो जाती है तो अंतिम संस्कार रीति-रिवाज के अनुसार नहीं हो पाता।
प्रशासन की तरफ से गांव को नहीं कराया गया सैनिटाइज
गांव दुबलधन पाना बिध्याण के पंच रामकिशन का कहना है कि गांव में कोरोना संक्रमण का मामला दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। गांव में स्थित सीएचसी में सुविधा नाममात्र है। इसमें 2 बजे बाद कोई नहीं मिलता। संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को लेकर प्रशासन की ओर से गांव को सैनिटाइज भी नहीं करवाया गया। इससे ग्रामीणों में रोष बना हुआ है।
सरकार की तरफ से गांव में कोई सुविधा नहीं
गांव दुबलधन के बाबा टूटा कमेटी के उप प्रधान संदीप का कहना है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर ने ग्रामीण इलाकों के कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं। प्रशासन की तरफ से गांव में कोई सुविधा नहीं दी जा रही है। गांव को अब तक सैनिटाइज तक नहीं करवाया गया। इसको लेकर ग्रामीण पहले से ज्यादा चिंतित हैं।
बाबा टूटा कमेटी ने हवन कर गांव का किया शुद्धीकरण
बाबा टूटा कमेटी के अध्यक्ष रणबीर का कहना है शनिवार को बाबा टूटा कमेटी के सदस्यों व ग्रामीणों ने मिलकर गांव में वातावरण शुद्धि के लिए ट्रॉली में हवन कर पूरे गांव में परिक्रमा लगाई। उन्होंने बताया कि गांव में बीमारी ने भयंकर रूप ले लिया है। इसमें बहुत से लोगों ने अपनी जान गवाई है। ऐसे में गांव की सुख समृद्धि के लिए हवन करवाया है। हवन ट्रैक्टर-ट्रॉली के माध्यम से गांव की गलियों चौक-चौराहों पर घूम-घूम के किया जा रहा है। सभी लोग सामूहिक रूप से हवन में आहुतियां डाल रहे हैं। कोरोना की बीमारी के खात्मे की विश्व कल्याण की भगवान से प्रार्थाना कर रहे हैं। इस अवसर पर देवराज, रामबीर नंबरदार, कुलदीप, बिजे, सतीश, सतपाल, जयभगवान, प्रदीप, रामकिशन आदि ग्रामीण मौजूद रहे।
बेरी एसडीएम रविंद्र कुमार से सीधी बात
प्रश्न: कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए गांवों में क्या प्रबंध किए हैं?
उत्तर: ग्रामीण क्षेत्र में संक्रमण फैलने से रोकने के लिए अलग-अलग टीमें बना दी गई हैं, जोकि घर-घर जाकर जांच करेंगी। रविवार से गांव सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।
प्रश्न: खंड के किसी गांव में सैनिटाइजर का छिड़काव नहीं करवाया गया?
उत्तर: सैनिटाइजर को लेकर जल्द ही बीडीपीओ से बात करके हर गांव को सैनिटाइज करवाया जाएगा। बेरी कस्बे में नगर पालिका की ओर से सैनिटाइजेशन करवाया जाएगा। ग्रामीणों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
प्रश्न: गांव में ग्रामीण लॉकडाउन के नियमों को तोड़ते नजर आते हैं?
उत्तर: नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, गांव में पुलिस की गश्त बढ़ा दी जाएगी। बेवजह घूमने वाले ग्रामीणों से सख्ती से निपटा जाएगा।
प्रश्न: ग्रामीण कोरोना टेस्ट करवाने में आगे नही आ रहे हैं?
उत्तर: ग्रामीणों से अपील की है कि अधिक से अधिक टेस्ट करवाने में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।
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खंड विकास पंचायत कार्यालय के अनुसार 1 मई से 14 मई तक इन गांवों में इस प्रकार हुई मौतें
अच्छेज 1
बाघपुर 4
बाकरा 3
बहराना-जी 8
बहराना मिलवान 4
भागलपुरी 2
भम्भेंवा 4
बिसाहन 1
चमनपुरा 2
छोछी 2
चिमनी 3
धांधलान 2
ढाणा 4
डीघल 15
दिमाना - कोई मौत नहीं
दुबलधन बिध्याण 16
दुबलधन घिक्याण 7
दुबलधन किरमाण 6
गांगटान 5
गोच्छी 7
गोधड़ी 4
जहाजगढ़ 1
लकड़िया कोई मौत नही
मदाना कलां 2
मदाना खुर्द 2
माजरा डी 6
माजरा बी कोई मौत नहीं
मिलकपुर 5
मागांवास 2
एमपी माजरा 13
पहाड़ीपुर 4
पलड़ा 1
सफीपुर 1
शेरिया 1
सिवाना 10
वजीरपुर 3