चरखी दादरी। मुख्य जलघर से दी जा रही पानी की सप्लाई में क्लोरीन ही नहीं मिलाई जा रही थी। इसका खुलासा शुक्रवार को डीसी अजय सिंह तोमर ने जलघर का निरीक्षण कर किया। जलघर में रखे क्लोरीनेटर सिलिंडर का पाइप ही निकला हुआ पाया गया। वहीं पानी के लिए गए नमूने में क्लोरीन की मात्रा शून्य पाई गई। लापरवाही पर डीसी ने जेई समुंद्र सिंह का बेतन रोकने और बिल इंचार्ज रामरूप को निलंबित करने के आदेश दिए हैं।
चंपापुरी स्थित शहर के मुख्य जलघर का निरीक्षण करने डीसी अजय तोमर शुक्रवार दोपहर 2:45 पर जलघर पहुंचे। उनके साथ एसडीएम सतबीर कुंडू भी मौजूद थ। दोनों अधिकारियों ने पहले एक्सईएन कार्यालय में जन स्वास्थ्य विभाग एक्सईएन और जेई के साथ बैठक की और जलघर की व्यवस्थाओं की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद करीब चार बजे डीसी जलघर का जायजा लेने एक्सईएन कार्यालय से निकले। स्टोरेज टैंक के पास पहुंचने पर उन्हें काई जमा मिली और जलघर में पाइपों से जो पानी डाला जा रहा था उसकी मात्रा बेहद कम थी। इससे खफा डीसी ने एक्सईएन को जलघर टैंकों में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में पानी डालने के आदेश दिए। इसके बाद डीसी बड़े वाटर स्टोरेज टैंक पर पहुंचे।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने क्लोरीन फिल्टर रूम, लैब व अन्य टैंकों सहित पेयजल को शुद्ध करने की प्रक्रिया का जायजा लिया। डीसी जब क्लोरीनेटर सिलिंडर के पास पास पहुंचे तो इसकी पाइप निकली मिली। इस पर डीसी ने जेई समुंद्र को तलब कर लिया। जेई से डीसी ने पूछा कि आखिरी बार क्लोरीनेटर कब संभाला था। इस सवाल पर जेई को जवाब नहीं दे पाए। वहीं, इस दौरान मौके पर मौजूद ऑपरेटर ने कहा कि साहब सिलिंडर की जांच प्रतिदिन करते हैं। शायद कुत्ता पाइप निकाल गया होगा। ऑपरेटर के जवाब के बाद डीसी ने क्लोरीन का प्रेशर की भी जांच की। इस दौरान स्थिति स्पष्ट न होने पर डीसी पे पानी का सैंपल भरवाया और लैब में इसकी जांच कराई। इस सैंपल में क्लोरीन की मात्रा नहीं मिली। हालांकि वहां मौजूद कर्मचारियों ने क्लोरीन होने की बात कहकर डीसी को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन उनकी चालाकी धरी रह गई। डीसी ने जब जोर देते हुए कहा कि इसमें क्लोरीन की मात्रा नहीं है तो कर्मचारियों ने भी सिर झुकाकर मान लिया। लापरवाही पकड़ में आने के आद डीसी ने एक्सईएन को क्लोरीनेटर डिस्कनेक्ट मिलने की जांच करने के आदेश दे दिए। डीसी ने एक्सईएन को निर्देश दिए कि जो भी कर्मचारी दोषी मिले उसे बख्शा न जाए।