फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांचों मंडियों में होगी सरसों खरीद, 14417 किसानों ने करवाया है रजिस्ट्रेशन

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की पांच मंडियों में 28 मार्च से होगी सरसों की खरीद
विज्ञापन

झज्जर। बाजरे की तरह सरसों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाने वाले किसानों की सरसों ही सरकारी रेट पर अनाज मंडियों में खरीदी जाएगी। जिले में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 14417 किसानों ने ही सरसों बेचने के लिए रजिस्ट्रेेशन करवाया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कई किसानों के नाम से काफी जमीन का रजिस्ट्रेशन भी करवाया है और उन किसानों जितनी भूमि का रजिस्ट्रेशन करवाया गया है, उतनी जमीन में सरसों नहीं बोई हुई है। जिले में 28 मार्च से सरसों की खरीद शुरू होनी है। इसके लिए सरकारी खरीद एजेंसी हैफेड को जिले की अनाज मंडियों में सरसों खरीदने की जिम्मेदारी दी गई है। हैफेड की ओर से सरकार के आदेशानुसार सरसों की खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। सरकार की ओर से सरसों की सरकारी खरीद के लिए 4200 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। जब मार्केट में समर्थन मूल्य से अधिक रेट होता है तो सरसों अनाज मंडियों में सरकारी खरीद के लिए नहीं आती और जब मार्केट में रेेट कम होता है तो सरसों की अनाज मंडियों में भरमार होती है।

44314 हेक्टेयर में बोई गई थी सरसों
जिले में इस बार करीब सात हजार हेक्टेयर भूमि में सरसों की फसल अधिक बोई गई है। इससे पहले करीब 35 से 38 हजार हेक्टेयर भूमि में सरसों बोई जाती थी। जोकि इस बार 44314 हेक्टेयर जमीन पर सरसों की खेती की गई है। जिले में सरसों की फसल की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। करीब 60 फीसद किसानों ने सरसों की फसल की कटाई का कार्य पूरा कर लिया गया है। सरसों की कटाई के साथ-साथ सरसों की कढ़ाई का कार्य भी शुरू कर दिया है। जिला की अनाज मंडियों में भी किसान सरसों लेकर पहुंचने लगे हैं। हालांकि सरसों की खरीद शुरू होने में पांच दिन का समय बाकी है।
विज्ञापन


किसानों की परेशानी होगी कम
इस बार जिले की पांचों अनाज मंडियों में सरसों की सरकारी खरीद का प्रावधान किया गया है। ताकि किसानों को सरसों बेचने के लिए झज्जर ही न आना पड़े। इससे पहले किसानों को सरसों बेचने के लिए झज्जर आना पड़ता था और शेड्यूल के अनुसार सरसों बेचने के लिए कई दिनों तक इंतजार करना पड़ता था। लेकिन इस बार पांचों अनाज मंडियों में खरीद होने के कारण किसानों को अपने ही क्षेत्र में सरसों बेचने के लिए आनाप पड़ेगा। जिले में झज्जर, बहादुरगढ़, ढाकला, मातनहेल व बेरी की अनाज मंडियों में सरसों की खरीद की जाएगी।

एक अप्रैल से शुरू होती गेहूं की सरकारी खरीद
सरकार के निर्देशानुसार एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार गेहूं की फसल पककर तैयार नहीं हुई है। अभी तक खेतों में गेहूं की फसल हरी खड़ी है। अभी कम से कम 15 दिन का समय फसल को पकने में लगने की संभावना है। करीब 10 अप्रैल के आसपास गेहूं की फसल अनाज मंडियों में पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि तैयारियां एक अप्रैल से ही शुरू हो जाती है। जिले में करीब एक लाख पांच हजार हेक्टेयर भूमि में किसानों ने गेहूं की फसल बोई हुई है। हालांकि जौ की फसल पक कर तैयार होने लगी है।
...........
सरसों की फसल इस बार पांच अनाज मंडियों में खरीदी जाएगी ताकि किसानों को परेशानी न आए। हैफेड को सरसों की खरीद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
.........
हैफेड की ओर से सरसों की खरीद के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएंगी।
- देवेंद्र कुमार, डीएम हैफेड, रोहतक।
................
सरसों की सरकारी खरीद में आढ़तियों को शामिल नहीं किया जा रहा है। जोकि आढ़तियों के साथ धोखा किया जा रहा है। आढ़तियों को सरकार ने एक-एक करोड़ में दुकानें बेची थी, जिसका खर्चा भी नहीं चल पा रहा। वे मांग को लेकर ज्ञापन देंगे।
विज्ञापन

चांद पहलवान, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन।
...........
सरसों की 60 प्रतिशत खरीदारी केंद्र द्वारा की जाती है। वहीं 40 प्रतिशत बाद में प्रदेश सरकार द्वारा की जाएगी। इसमें देखा जाएगा कि आढ़तियों के माध्यम से खरीद संभव होगी या नहीं। अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
ओपी धनखड़, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, हरियाणा सरकार।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें