झज्जर। डीसी सोनल गोयल ने कहा कि गीता के संदेश को हम अपनी दिनचर्या में शामिल करें तो समाज में फैली कुरीतियों का अपने आप अंत हो जाएगा। गीता के उपदेश को अपने जीवन में लाकर हमें मानवता की भलाई के लिए इसका उपयोग करना चाहिए। उन्होंने यह बात झज्जर के जहांआरा बाग स्टेडियम में जिला स्तर पर आयोजित तीन दिवसीय गीता महोत्सव 2018 के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उपायुक्त समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित रहीं। मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया तथा एसडीएम झज्जर विजय सिंह ने स्वागत संबोधन में कार्यक्रम को सफल बनाने पर सबका आभार जताया। उपायुक्त ने गीता महोत्सव कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित भी किया।
हरियाणवी सिंगर अमित ढुल ने जमकर बांधा समा
गीता महोत्सव 2018 के जिला स्तरीय आयोजन के अंतिम दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। स्कूली बच्चों के साथ-साथ हरियाणवी सिंगर अमित ढुल की जोरदार परफोर्मेंस ने समापन दिवस कार्यक्रम में रंग जमा दिया। न्यूटन हाई स्कूल से आई छात्रा कुनिष्का के एकल नृत्य को भी जमकर सराहना मिली। हरियाणवी सिंगर अमित ढुल ने अपने पॉपुलर गीत मेरा ल्यां दे केसरी बाणा, मां मन्नै जोगी के संग जाणा से अपनी परफोर्मेंस शुरू की। फिर एक के बाद एक रंग-बिरंगे गीतों के जरिए ढुल ने माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया। हरियाणवी, पंजाबी व बॉलीवुड गीतों की जुगलबंदी को दर्शक दीर्घा से जमकर तालियां मिली। अमित ने जब शहीद ए आजम को याद करते हुए हरियाणा का चर्चित करणी है तो रिस करो, उस भगत सिंह सरदार की... सुनाया तो स्कूली बच्चे भी कतार से निकाल कर मंच के सामने जम गए।
नगर शोभा यात्रा में गूंजे श्रीमदभागवत के श्लोक
गीता महोत्सव 2018 के अंतिम दिन श्रीमद्भागवत गीता की नगर यात्रा निकली। झज्जर शहर के कुलदीप सिंह चौक से आरंभ होकर नगर यात्रा चौपटा बाजार, मां वैष्णव मित्र मंडल चौक, मेन बाजार, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक, पुराना बस स्टैंड से शहीद रविंद्र चौक होते हुए नगर यात्रा जहांआरा बाग स्टेडियम में बने गीता पुरम पहुंची।
देसी छोरे के शहद स्टॉल पर रही भीड़
जिला स्तरीय गीता जयंती महोत्सव में शहद की स्टॉल लगा रहे मलिकपुर गांव निवासी विनय फौगाट का कहना है कि सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है, लेकिन मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को बाहर भेजकर रॉयल जैली के भंडारण के लिए प्रशिक्षण दिलाना चाहिए या फिर विदेश से टेक्निकल लोगों को बुलाकर प्रशिक्षण दिलाए ताकि किसानों की आठ से दस गुणा आमदनी बढ़ सके। उनका कहना है कि दस दिसंबर को यह बात मुख्यमंत्री के सामने में टॉप हैंडर्ड एग्रीक्लचर मीट में भी उठा चुके हैं। विनय कुमार वर्ष 2012 में बीटेक करने के बाद मधुमक्खी पालन कर रहा है और कई प्रकार के शहद तैयार कर बाजार में उतार चुका है। इस दौरान उनके स्टॉल का डीसी सोनल गोयल ने भी निरीक्षण किया।