बहादुरगढ़। बुपनियां-बहादुरगढ़ रूट पर चलने वाली रोडवेज की एक बस में कंडक्टर द्वारा सवारियों को टिकट न दिए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। सोशल साइट्स पर वायरल 38 व 52 सेकेंड की दो वीडियो क्लिप में बस के कंडक्टर पर किराये के बदले टिकट न काटे जाने का आरोप लगाया गया है। कंडक्टर भी बार-बार चेहरे को छिपाता नजर आ रहा है। उधर, अधिकारियों का कहना है कि वीडियो उन्हें भी मिला है, मामले की जांच की जाएगी।
मामला मंगलवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे का है। बहादुरगढ़ डिपो की एक रोडवेज बस (5280) दोपहर तीन बजे बुपनियां के लिए रवाना हुई। बस सवारियों से भरी हुई थीं। बुपनियां से पहले ही बादली रोड पर बस में विवाद हो गया। बस में सवार किसी युवक ने ठेके के अधीन भर्ती कंडक्टर की वीडियो बनाई। वीडियो बना रहे युवक का कहना है कि कंडक्टर ने सवारियों से रुपये तो लिए, लेकिन किसी को टिकट नहीं दी। जब उसने वीडियो बनानी शुरू की तो कंडक्टर ने टिकट लोगों को देनी शुरू कर दी।
चेहरा छिपाता रहा कंडक्टर
व्हाट्सएप पर 38 व 52 सेेकेंड्स की दो वीडियो वायरल हो रहे हैं। इनमें साफ तौर से उक्त कंडक्टर बार-बार मुंह छिपाता नजर आ रहा है। वह यह भी कहता नजर आ रहा है कि उसने टिकट दी है, साथ ही वीडियो बनने के दौरान भी एकाध यात्रियों तक टिकट पहुंचाता दिखाई दे रहा है। उसने मोबाइल कैमरे पर भी बार-बार हाथ लगाकार चेहरा छिपाने की कोशिश की।
ड्राइवर बोला, अपणा कोई मैटर नहीं
वीडियो बनाने वाला शख्स जब ड्राइवर से कहता है कि तू बता भाई ड्राइवर, तो ड्राइवर कहता है अपणा कोई मैटर नहीं। इतना कहकर वह बस स्टार्ट कर देता है।
वीडियो बनाने वाला रोडवेज कर्मी!
वीडियो बनाने वाला शख्स रोडवेज कर्मी बताया जा रहा है। वीडियो में भी उक्त शख्स कह रहा है कि म्हारी नौकरी खतरे में है और ये सरकार नै लूट कै खाण लाग रहे हैं। खैर, वीडियो बनाकर वायरल करने वाला शख्स अभी सामने नहीं आया है और न ही किसी ने उक्त कंडक्टर के खिलाफ अधिकारियों को शिकायत दी है।
अभी हुई थी भर्ती
रोडवेज कर्मियों की हड़ताल के चलते व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नए चालक, परिचालक भर्ती किए गए थे। बुपनियां जाने वाली बस का उक्त कंडक्टर बिजेंद्र भी अभी दो-तीन दिन पहले ठेके के अधीन भर्ती किया गया था। बताते हैं कि इस बस पर बिजेंद्र की पहली ही ड्यूटी थी और यह विवाद गहरा गया। उधर, रोडवेज कर्मचारी अमित, मंजीत व भगवान आदि का कहना है कि सरकार उनकी हड़ताल को फीकी साबित करने के लिए जबरदस्ती बसें चलवा रही हैं। बहादुरगढ़ डिपो की रोजाना 40 बसें बस अड्डे से बाहर निकलती हैं, लेकिन कमाई नामात्र हो रही है। हो कैसे एक तो केवल नाम के लिए बस चलाई जा रही है, रही सही कसर ये नए कर्मचारी पूरी कर रहे हैं।
वीडियो वायरल हुआ है, उन्होंने भी देखा है लेकिन अभी किसी ने शिकायत नहीं दी है। बुधवार को जब वह कंडक्टर डिपो में आएगा तो उससे पूछताछ की जाएगी। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।
-धर्मवीर राठी
डीआई, बहादुरगढ़ डिपो
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