अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
बाजारों में दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के सामने दुकानें लगवाने का सिलसिला सभी जगह बेरोकटोक धड़ल्ले से जारी है। दुकानदार एक तय कीमत लेकर रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी दुकान के आगे सरकारी जमीन पर दुकान लगाने की इजाजत देते हैं। यह कीमत लोकेशन के अनुसार प्रतिदिन सौ से लेकर एक हजार रुपये तक होती है। ये सब देखकर भी अनदेखा करने के लिए नगर परिषद का कमीशन अलग से तय होता है। इससे शहर वासियों को और अन्य राहगीरों को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
शहर का रेलवे रोड हो, चाहे मेन बाजार, झज्जर रोड हो या फिर नाहरा-नाहरी रोड हो। इन मार्गों से प्रतिदिन लाखों लोगों का आवागमन होता है। सभी मार्गों पर दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अवैध रूप से रेहड़ी और पटरी वालों को दुकान लगवाई जा रही हैं। इससे मार्केट में खरीददारी करने के लिए आने वाले लोगों व राहगीरों को यहां से निकलने में काफी परेशानियां उठानी पड़ती है। साथ ही सड़क पर आने-जाने का रास्ता भी काफी कम हो जाता है क्योंकि सड़क के दोनों तरफ तो दुकानदार रेहड़ी व पटरी वालों को स्थान देते हैं। इसके बाद ग्राहक आता है तो वह अपने वाहन को भी वहीं पर पार्क करके चला जाता है। इससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। शहर का रेलवे रोड 60 फुट चौड़ा है लेकिन अतिक्रमण के बाद यह केवल 20 से 25 फुट ही बचता है। इस मार्ग पर छोटी-बड़ी लगभग 500 से ज्यादा दुकानें हैं और प्रतिदिन करोड़ों का कारोबार भी होता है।
यूं सिकुड़ गया मेन बाजार
शहर का मेन बाजार यदि अपने मूल रूप में रहे तो इस पर जाम की स्थिति पैदा नहीं हो सकती। मगर यहां पहले तो दुकानदारों ने अपनी दुकान का सामान करीब पांच फुट सरकारी जमीन पर रखा हुआ है। इसके बाद दुकान पर खरीददारी करने आने वाले लोग वाहन खड़ा कर देते हैं। इससे भी अलग ज्यादातर दुकानदारों ने रेहड़ी-पटरी वालों को अपनी दुकान के आगे की जगह प्रतिदिन के हिसाब से किराये पर दी हुई है। दोनों तरफ करीब 10 फुट तक अतिक्रमण होने के कारण बाजार काफी तंग हो जाता है।
अतिक्रमण हटाने गई टीम के साथ दुकानदारों और रेहड़ी वालों ने की थी मारपीट
पिछले दिनों नगर परिषद की टीम जब रेलवे रोड पर अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची तो यहां पर कई दुकानदारों और रेहड़ी वालों ने अधिकारियों के साथ मारपीट कर दी थी। इसके बाद नगर परिषद की टीम वहां से बैरंग लौट आई थी। उस दौरान सड़कों से अतिक्रमण कुछ कम हो गया था। मगर अब एक बार फिर हालात खराब हो गए हैं।
नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर सतपाल सैनी से सीधे सवाल-जवाब
सवाल : जनवरी से अब तक कितनी बार सड़कों पर अतिक्रमण अभियान चलाया गया है?
जवाब : इस वर्ष अब तक 10 बार शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान नगर परिषद की तरफ से चलाया गया है।
सवाल : 10 अभियानों में कितने दुकानदारों के चालान काटे गए?
जवाब : अभियानों में 15 दुकानदारों के चालान काटे गए हैं।
सवाल : इन दुकानदारों पर कितना जुर्माना लगाया गया है?
जवाब : अतिक्रमण करने वाले 15 दुकानदारों पर 18 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
सवाल : भविष्य में सड़कों पर अतिक्रमण न हो, इसके लिए क्या रणनीति बनाई है?
जवाब : इसके लिए एक बार फिर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा।
सवाल : अब एक बार फिर सड़कों पर अतिक्रमण ज्यादा हो गया है ऐसे में नगर परिषद क्या कर रही है?
जवाब : गत दिनों जब अतिक्रमण हटाने के लिए टीम गई थी तो दुकानदारों और रेहड़ी वालों ने नप के अधिकारियों के साथ मारपीट की थी। इसके बाद अधिकारियों की ओर से कार्रवाई नहीं की गई।
सवाल : क्या अतिक्रमण हटवाने के लिए अधिकारियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं या फिर अधिकारी डर गए हैं?
जवाब : दबी जुबान में, नहीं ऐसी बात नहीं है हम लगातार कार्रवाई करेंगे।
सवाल : पुलिस का स्पॉट क्यों नहीं लेते अधिकारी?
जवाब : हम पुलिस का स्पॉट मांगते हैं मगर उनकी ओर से सहयोग नहीं मिल पाता।
सवाल : दुकानदार सरकारी जगह का किराया वसूल रहे हैं?
जवाब : हम जब अतिक्रमण हटाने के लिए जाते हैं तो दुकानदार और रेहड़ी व पटरी वाले इकट्ठे होकर झगड़ा करने पर उतारू हो जाते हैं।