अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
लघु सचिवालय में बनी मल्टीस्टोरी पार्किंग वर्तमान में महज एक शोपीस बनकर रह गई है। चार साल पूर्व बनी मल्टीस्टोरी पार्किंग एक दिन भी नहीं चली। लेकिन इसे इंस्टाल करवा कर तत्कालीन सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हाथों फीता कटवाने के बाद अधिकारियों ने इसकी ओर ध्यान देना उचित नहीं समझा। अधिकारियों की इस लापरवाही ने नपा के 48 लाख रुपये को कूड़ा कर दिया। हैरानी की बात यह है कि मल्टीस्टोरी पार्किंग का प्रोजेक्ट लगाने वाले तत्कालीन डीसी अजीत बालाजी जोशी के बाद जितने भी डीसी आए। किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया कि आखिर यह किन वजहों से खराब पड़ी है। अधिकारियों की इसी अनदेखी का शिकार होने के चलते मल्टीस्टोरी पार्किंग अब जंग पकड़ने लगी है। अगर जल्द ही इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह कबाड़ में तब्दील हो जाएगी।
नपा ने करवाया था निर्माण
मल्टीस्टोरी पार्किंग का कार्य नपा के द्वारा दिल्ली की एक फर्म के माध्यम से करवाया गया था। जिसमें नपा की ओर से कार और स्कूटर-बाइक की लिफ्ट वाली पार्किंग के लिए क्रमश: 24 लाख 75 हजार तथा 24 लाख 7 हजार रुपये की दो पेमेंट दी गई हैं। नपा द्वारा यह कार्य डीसी के आदेश पर किया गया था। मल्टीस्टोरी पार्किंग का उद्देश्य लघु सचिवालय में आने वाले वाहनों को कम जगह में पार्क कर, भीड़भाड़ वाले हालात को पैदा होने से रोकना था। अधिकारियों ने यह प्रोजेक्ट बेहतर उद्देश्य के लिए लगाया था। लेकिन पहले ही दिन तकनीकी खराबी आने के बाद अधिकारियों ने इसकी तरफ से मुंह फेर लिया।
गुणवत्ता पर भी उठ रहे हैं सवाल
कंपनी द्वारा जिस प्रकार से इस मशीन को यहां लगाया गया था तो उसके अगले दिन ही यह खराब हो गई थी। जिसके चलते इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। साथ ही उस दौरान इस प्रोजेक्ट की पेमेंट करवाने वाले अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर किस प्रकार मशीन को ठीक करवाए बगैर नपा ने उक्त कंपनी की पेमेंट कर दी। इसकी भी जांच करवाई जानी आवश्यक है। ताकि स्पष्ट हो सके कि उन अधिकारियों को क्या दिलचस्पी रही कि मशीन की खामी दूर करवाए बिना ही पेमेंट कर दी।
शिकायत हुई तो पत्र भेजकर की खानापूर्ति
बहादुरगढ़ निवासी राहुल ने उक्त मामले की जांच करवाने के लिए सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज करवाई है। राहुल ने मामले की जांच करवाने के लिए मांग करने के साथ-साथ वर्तमान स्थिति की भी जानकारी मांगी है। जिस पर अधिकारियों ने सीएम विंडो से इस शिकायत को खत्म करवाने लिए चार साल बाद पहली बार मशीन लगाने वाले कंपनी को पत्र लिखकर खानापूर्ति की है। ताकि सीएम विंडो पर जवाब दिया जा सके कि अधिकारी इसे ठीक करवाने के लिए कंपनी से पत्राचार कर रहे हैं। लेकिन समझने की बात यह है कि अगर सीएम विंडो पर ये शिकायत नहीं आती तो अधिकारी आखिर उक्त कंपनी पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखा रहे थे।
वर्जन
मुझे इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। मैं तो तबादला होकर कुछ समय पहले ही झज्जर नपा में आया हूं। सीएम विंडो पर शिकायत दर्ज हुई तो मामला उनके संज्ञान में आया है। कंपनी को पत्र लिखकर मशीन ठीक करने को कहा है।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
वर्जन
मल्टीस्टोरी पार्किंग के मामले की जांच डीडीपीओ को सौंपी गई है। जांच पूरी होने के पश्चात ही इस बारे में कुछ कहा जा सकता है। उम्मीद है कि इसी सप्ताह जांच पूरी हो जाएगी।
- सोनल गोयल, डीसी, झज्जर।
- उद्घाटन के बाद ही खराब हो गई थी 48 लाख रुपये की मल्टीपार्किंग
- सीएम विंडो पर कंपनी के खिलाफ और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ भेजी शिकायत