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हैफेड और वेयर हाउस करेंगे बाजरे की खरीद, धान की खरीद करेगी एफसीआई

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झज्जर। किसानों के धान और बाजरे की फसल की खरीद के लिए सरकार की तरफ से मंडियों और सरकारी खरीद एजेंसियां निर्धारित कर दी गई हैं। झज्जर जिला में बाजरे की खरीद दो और धान की खरीद एक एजेंसी करेंगी। जबकि बाजरे की खरीद के लिए तीन अनाज मंडियां और धान की खरीद के लिए दो अनाज मंडियां निर्धारित की गई हैं। हालांकि बाजरा उन किसानों का ही खरीदा जाएगा जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है। जबकि धान की खरीद ओपन रहेगी।
बाजरे की खरीद के लिए हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन तीनों अनाज मंडियों में तीन-तीन दिन खरीद करेंगी और धान की खरीद केवल एफसीआई की तरफ से की जाएगी। जबकि क्षेत्र में धान की खरीद सरकारी ही नहीं प्राईवेट मिलों के लिए भी की जाएगी। क्योंकि धान की जिन किस्मों की खरीद सरकार की तरफ से की जाती है उस धान की खेती काफी कम क्षेत्र में की जाती है। किसान यहां पर धान की बासमती किस्मों की खेती करते हैं और उस धान की कीमत सरकारी समर्थन मूल्य से कहीं अधिक होती है। सरकार की तरफ से मापेटे धान और ए ग्रेड धान की खरीद की जाती है। जिसके लिए सरकार ने 1750 रुपये और ए ग्रेड धान का समर्थन मूल्य 1770 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। धान की खरीद के लिए बेरी और मातनहेल की अनाज मंडियां निर्धारित की गई हैं। जबकि बाजरे की खरीद के लिए झज्जर, मातनहेल और ढाकला की अनाज मंडियां निर्धारित की जा चुकी हैं।
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बाजरे के लिए कराया किसानों का रजिस्ट्रेशन
सरकार ने इस बार बाजरा की खरीद को लेकर कोई घालमेल न हो इसके लिए किसानों का मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया है। जिसके तहत प्रदेश में 1 लाख 36 हजार 208 किसानों नेे पोर्टल पर अपना ब्योरा दर्ज कराया है। झज्जर जिला में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16683 किसानों ने बाजरे की फसल बोई हुई है। इनमें से 16 हजार 397 किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर अपनी फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार जिन किसानों ने पोर्टल पर अपना ब्योरा दिया है और अपना रजिस्ट्रेशन कराया है उन किसानों का ही बाजरा खरीदा जाएगा। केंद्र सरकार ने इस बार किसानों का बाजरा खरीदने के लिए 1950 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया हुआ है। एक अक्तूबर से प्रदेश में सरकारी दर पर बाजरे की खरीद शुरू हो जाएगी।
किसानों ने भी बाजरे पकी कटाई का कार्य शुरू कर दिया है। जिन खेतों में वर्षा का पानी नहीं भरा है वहां पर बाजरे की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। एक अक्तूबर के आसपास बाजरे की फसल मंडियों में पहुंच जाएगी। सरकारी खरीद एजेंसियों की तरफ से भी बाजरे की खरीद के लिए तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
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तैयारियों को दिया अंतिम रूप : शर्मा
सरकार के आदेशानुसार मंडियों में खरीद एजेंसियों ने खरीद के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। एक अक्तूबर को सभी कर्मचारी और अधिकारी खरीद शुरू करने के लिए मंडियों में पहुंच जाएंगे। सरकार की तरफ से एजेंसियां और मंडियां निर्धरित कर दी गई हैं।
- अशोक शर्मा, डीएफएससी, झज्जर।
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