अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। कुछ खापों के पदाधिकारी अपने राजनैतिक हितों के लिए सरकार के मंत्रियों के इशारों पर आपसी भाईचारा बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। आरक्षण आंदोलन की सीबीआई ने सरकार के इशारे पर फर्जीवाड़ा कर चार्जशीट तैयार की है। इसलिए सरकार को सीबीआई के अन्य अधिकारियों से मामले की जांच करानी चाहिए। यह बात आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने चरखी की नई अनाज मंडी में रविवार को आयोजित भाईचारा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही। मलिक ने कहा कि सरकार की मंशा ठीक नजर नहीं आ रही है और इस बार आर-पार की लड़ाई जाट समुदाय लड़ेगा। इसकी शुरूआत 16 अगस्त से शांतिपूर्वक धरने के साथ की जाएगी।
मलिक ने मंच से खापों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ नेता राजनैतिक स्वार्थों को साधने के लिए खापों को खराब करने का काम कर रहे हैं। सरकार के इशारों पर कुछ खापों के प्रतिनिधि आपस में भाईचारा बिगाड़कर आंदोलन को कमजोर करने का लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन नेताओं की कठपुतली बने कुछ खाप प्रतिनिधि सरकार के इशारों पर चलकर जाट समुदाय में ही फूट डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु, सुभाष बराला और ओमप्रकाश धनखड़ के कुछ चहेतों के नाम सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में शामिल ही नहीं किए हैं। इससे स्पष्ट है कि सीबीआई की चार्जशीट सरकार के इशारों पर ही तैयार की गई है। मलिक ने कहा कि 12 अगस्त को जसिया में होने वाली बैठक में आगामी आंदोलन की रूपरेखा सार्वजनिक कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि तीसरे चरण के आंदोलन की शुरूआत 16 अगस्त को शांतिपूर्वक आंदोलन शुरू करके की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरक्षण संघर्ष समिति पर चंदा हड़पने के आरोप लगा रहे हैं जोकि सरासर गलत है।
इस मौके पर राष्ट्रीय महासचिव अशोक बल्हारा, जिला अध्यक्ष राजकुमार हड़ौदी, रामकुमार सोलंकी, जिला महिला विंग प्रधान अनोखी देवी, दादरी तहसील अध्यक्ष देवेंद्र लीला समसपुर, प्रेस प्रवक्ता विद्यानंद श्योराण, कोषाध्यक्ष जीवनराम डोहका, श्योराण खाप प्रधान बिजेंद्र बूरा, चहल खाप प्रधान ओमप्रकाश चहल, सुु सिंह, राजबीर शास्त्री, मोतीराम, राजेंद्र सिंह डोहकी, सुरेश और बीरेंद्र बड़राई आदि उपस्थित थे।
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