जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कक्ष पर लटका ताला, बैरंग लौट रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। सिविल अस्पताल में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने व ठीक करवाने के लिए आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जन्म प्रमाण पत्र बनाने वाले कक्ष पर ताला लटका होने से लोगों के जन्म प्रमाण पत्र संबंधी काम नहीं हो रहे हैं। प्रमाण पत्रों की त्रुटियां ठीक नहीं होने से लोगों के कामकाज अटक गए हैं। कक्ष के बाहर सिटीजन चार्टर नहीं होने से भी लोगों को समाधान की निर्धारित समयावधि का पता भी नहीं चल पाता और लोग कक्ष पर लटका ताला देख मायूस होकर घर लौट जाते हैं।
सिविल अस्पताल स्टाफ द्वारा जन्म प्रमाण पत्र तैयार करने में बरती गई लापरवाही का खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ रहा है। बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पर भी उनकी त्रुटियां ठीक नहीं हो रही हैं। लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से सिटीजन चार्टर लगवाने की मांग की है ताकि लोगों को कर्मचारी टाल न सकें। सिविल अस्पताल पहुंचे लोगों ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कक्ष स्टाफ यहां आने वाले लोगों को न पूरे कागजातों की जानकारी देते हैं और न ही काम समय पर निपटाते हैं।
केस:-1- जन्म प्रमाण पत्र में माता-पिता का नाम ही गलत
वार्ड सात निवासी मदन सिंह ने बताया कि बेटे का जन्म सिविल अस्पताल में ही हुआ था। उसके बेटे के जन्म प्रमाण पत्र में उसका व उसकी पत्नी का नाम गलत लिख दिया। नाम ठीक करवाने के लिए पिछले चार माह से विभाग कार्यालय के चक्कर लगा रहा हूं लेकिन स्थानीय कर्मचारी किसी न किसी बहाने से मेरे कागजात ही जमा नहीं कर रहा है।
केस:-2- जन्म प्रमाण पत्र नहीं दिया, बेटे के हाथ से सेना भर्ती का मौका फिसला
शहर के घिकाड़ा रोड निवासी बिट्टू जोगी ने बताया कि लड़के का जन्म प्रमाणपत्र बनवाने के लिए पहले तो विभाग के कर्मचारियों ने कागजात पूरे करवाने में दो माह लगवा दिए। कागजात पूरे करवाने के चार माह गुजर जाने के बाद भी लड़के का जन्म प्रमाणपत्र नही बन पाया है। जन्म प्रमाणपत्र समय पर नहीं बनने से उसके बेटे ने खेल कोटे में सेना भर्ती का मौका भी गंवा दिया है।
केस:-03- बेटी की मां का नाम छापा गलत, अब नहीं मिल रहा कर्मचारी
गांव नीमली निवसी सोनू कुमार ने बताया कि जन्म प्रमाणपत्र में लड़की की मां का नाम ठीक करवाने के लिए लगातार एक माह से कार्यालय में चक्कर लगा रहा हूं। लेकिन हर बार कक्ष पर ताला लटका मिलता है। ऐसे में उन्हें गांव से शहर आने का बार-बार किराया भरना पड़ रहा है।वहीं इसके चलते उसे शारीरिक परेशानियां उठानी पड़ रही है।
केस:-04- जन्म प्रमाण पत्र बिना बच्चों को नहीं मिल रहा दाखिला
गांव घसोला निवासी नरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र लेने के लिए वह चार बार सिविल अस्पताल के चक्कर लगा चुका है, लेकिन हर बार कार्यालय बंद मिला। जन्म प्रमाण नहीं मिलने के चलते बच्चों का स्कूल में दाखिला नहीं हो रहा है। नरेंद्र ने बताया कि एक माह कागजात पूरे करवाने के नाम पर चक्कर लगवाए गए और अब कार्यालय ही बंद रहता है।
- मैं फिलहाल बाहर हूं और इस बारे में मुझे जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो जल्द से जल्द समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
- अनिता गुलिया, एसएमओ