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सरसों की ओपन खरीद को लेकर असमंजस में किसान और आढ़ती

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झज्जर। सरसों की 10 मई को ओपन खरीद कराने के मुख्यमंत्री के बयान को लेकर किसान व आढ़तियों के सामने असमंजस की स्थिति बनी हुई है। क्योंकि आढ़ती किसानों को सरसों अनाज मंडी में लाने का संदेश दे चुके हैं। जबकि खरीद एजेंसी के अधिकारी अभी तक उनके पास ऐसा कोई आदेश न होने की बात कह रहे हैं। अगर सीएम के बयान के अनुसार सरसों की ओपन खरीद नहीं हुई तो अनाज मंडी पूरी तरह से जाम हो जाएगी। वहीं किसानों को सरसों लाने के लिए खर्च भी वहन करना पड़ेगा। किसानों को आढ़तियों की तरफ से कहा जा रहा है कि 10 मई को सरसों की ओपन खरीद होने की पूरी संभावना है। क्योंकि यह बयान प्रदेश के मुख्यमंत्री का दिया हुआ है। अगर ओपन खरीद होती है तो उनकी सरसों खरीदी जा सकती है अगर ओपन बोली नहीं हुई तो सरसों उनको वापस ले जानी पड़ेगी। अगर सरसों खरीद को लेकर सरकारी आंकड़ों की बात की जाए तो चार लाख 60 हजार क्विंटल से अधिक सरसों खरीदी जा चुकी है। उसके बाद भी ओपन बोली होने का इंतजार किया जा रहा है। किसान पूरी तरह से असमंजस में हैं कि वे सरसों को लेकर मंडी जाएं या न जाएं। मंडियों में खरीदी गई सरसों में से 76 प्रतिशत सरसों का उठान हो चुका है। हालांकि जिन किसानों ने सरसों का रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। उनकी किसानों की सरसों खरीदने के लिए मार्केट कमेटी ने नोटिस भी चिपकाया हुआ हैं। लेकिन ओपन खरीद के लिए कोई जानकारी नहीं दी गई है।
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किसानों को मुख्यमंत्री के बयान को लेकर फोन कर दिए हैं कि वे शुक्रवार को सरसों लेकर अनाज मंडियों में आ जाएं। क्योंकि सरसों की ओपन बोली होने के पूरे आसार है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान सरसों लेकर अनाज मंडी पहुंचेंगे।
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चांद सिंह पहलवान, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, अनाज मंडी, झज्जर।

अभी तक सरसों की ओपन खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आए हैं। जब तक सरकार के लिखित आदेश नहीं आते तब तक ओपन बोली नहीं की जा सकती।
देवेंद्र सिंह, डीएम हैफेड रोहतक।

रजिस्टर्ड किसानों की सरसों तो खरीदी जाएगी। लेकिन ओपन खरीद के लिए अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं। अगर सरकार के कोई आदेश आते हैं तो उनका पालन किया जाएगा।
विजय कुमार, सचिव मार्केट कमेटी, झज्जर।
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