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बेरी का 5 करोड़ी स्टेडियम हुआ बदहाल, नहीं हैं खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं

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अमर उजाला ब्यूरो
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बेरी (झज्जर)।
पांच करोड़ की लागत से बेरी कस्बे में बनाया गया आधुनिक स्टेडियम इन दिनों-दिन खस्ता होता जा रहा है। यहां पर अभ्यास के लिए आने वाले खिलाड़ी हर रोज इंजरी लेकर घर लौट रहे हैं। तीन साल पूर्व प्रदेश सरकार ने इस स्टेडियम को पांच करोड़ की लागत से नया कलेवर तो दे दिया लेकिन यहां के खिलाड़ी आज भी सुविधाओं के लिए बाट जोहते नजर आते हैं। यह बात अलग है कि बीते वर्ष 2016 में सीएम मनोहरलाल ने अपने बेरी आगमन के दौरान फीता काटकर इसका औपचारिक उद्घाटन भी कर दिया था लेकिन स्थानीय खेल विभाग का नकारात्मक रवैया सरकार की सुगम खेल नीति को सीधे-सीधे पलीता लगाते नजर आ रहा है। नए स्टेडियम की देखरेख के लिए प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है। जिससे खिलाड़ियों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- ये बोले खिलाड़ी :
1. खिलाड़ी अरूण ने बताया कि बेरी में सरकार ने करोड़ों की लागत से स्टेडियम का निर्माण तो कर दिया लेकिन स्टेडियम में न तो पीने का पानी है और न ही बिजली की सुविधा है। जिससे अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। फुटबाल के बनाए गए ग्राउंड में पानी नहीं डलवाया जाता है, जिससे एक खिलाड़ी की टांग भी टूट चुकी है।
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2. खिलाड़ी अश्विनी ने बताया कि बेरी खेल स्टेडियम में न तो कोई चौकीदार है और न सफाई व्यवस्था। जिससे स्टेडियम में सुबह-शाम दौड़ लगाने वाले, किक्रेट खेलने वाले अन्य खिलाड़ियों को समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है।
3. खिलाड़ी अमन ने बताया कि बेरी स्टेडियम में सुविधाओं का नामों निशान तक नहीं है और कई बार तो मुख्य गेटों को खोल दिया जाता है। जिसके कारण आवारा पशु स्टेडियम में घुस जाते हैं। स्टेडियम में बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए बनाए गए हॉल में बिजली की व्यवस्था नहीं है, जिससे खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
4. खिलाड़ी नेहा ने बताया कि खेल स्टेडियम में सरकार की तरफ कोई सामान की सुविधा नहीं दी गई और बैडमिंटन के लिए बनाए गए हॉल में बिछे मैट भी फटे हुए हैं। हॉल में सफाई व्यवस्था नहीं होने के कारण अभ्यास करने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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- ये हैं खिलाड़ियों की मांग :
-स्टेडियम में पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए।
-कुश्ती के लिए मैट की व्यवस्था की जाए।
-सभी खेलों के कोच उपलब्ध करवाए जाएं।
-चौकीदार की नियुक्ति की जाए, जो देखभाल कर सके।
-खेलों का सामान स्टेडियम में भेजा जाए।
वर्जन :
स्टेडियम के रख-रखाव का कार्य संभाल रहे बेरी नगरपालिका के नगर अभियंता मंदीप धनखड़ से बात की गई तो उनका कहना था कि स्टेडियम में सफाई व्यवस्था, पीने के पानी की व्यवस्था व सुविधाओं को चेक किया जाएगा और जल्द ही स्टेडियम में सफाई, पीने के पानी की व्यवस्था, बिजली की व्यवस्था करवा दी जाएगी। खिलाड़ियों को परेशानी का सामना नहीं करने दिया जाएगा।
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