कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने पर थमे 52 बसों के पहिये
चरखी दादरी। दादरी डिपो में कार्यरत पांच कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने के फैसले पर शुक्रवार को रोडवेज कर्मचारी बिफर गए। सरकार के इस फैसले के विरोध में कर्मचारियों ने बस स्टैंड के मुख्य गेट को ताला जड़कर चक्का जाम कर दिया। करीब तीन घंटे चक्का जाम होने से 52 बसें अपने निर्धारित रूटों पर नहीं दौड़ पाई। जिसके चलते रोडवेज को करीब चार लाख रुपये का नुकसान हुआ। रोडवेज यूनियनों के नेतृत्व में कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। चक्का जाम होने से लगभग चार हजार यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। चक्का जाम की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया और रिजर्व फोर्स को बस स्टैंड परिसर पर तैनात कर दिया। जीएम ने इन कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं हटाने के आश्वासन के बाद बसें अपने रूट पर चलीं।
जानकारी के अनुसार छह साल पहले दादरी बस डिपो में सात कंप्यूटर ऑपरेटर भर्ती किए गए थे इनमें से एक को नियमित किया जा चुका है। गत दिनों सरकार ने इन पांच कंप्यूटर ऑपरेटरों का कांट्रैक्ट पूरा होने पर इनकी जगह अन्य को नियुक्त करने की प्लानिंग तैयार की थी। जिसकी वजह से शुक्रवार को कर्मचारियों को गुस्सा सरकार के फैसले पर फूट पड़ा। कर्मचारी यूनियन सर्व कर्मचारी संघ, सर्व कर्मचारी महासंघ व इंटक के नेतृत्व में सुबह करीब साढ़े आठ बजे कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर चक्का जाम करने का फैसला लिया। करीब नौ बजे रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मेन गेट को ताला जड़ दिया। इस दौरान करीब आधा दर्जन रूटों की 52 बसें नहीं चल पाई।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही एसपी सुनील दलाल के निर्देशों पर सिटी थाना पुलिस, सीआईए टीम व एक रिजर्व कंपनी बस स्टैंड परिसर पर कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पहुंची। इस दौरान वर्कशॉप व बस स्टैंड के दोनों गेट पर पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। यहां तैनात पुलिस कर्मचारी गेट मीटिंग की अपडेट भी अपने उच्चाधिकारियों को देते रहे। करीब 12 बजे कंप्यूटर ऑपरेटरों को नहीं हटाने के आश्वासन के बाद ही बसों का आवागमन सुचारू हो सका।
सरकार फैसला बिल्कुल गलत
बैठक को संबोधित करते हुए इंटक प्रांतीय प्रधान अनूप सहरावत ने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटरों को हटाने का फैसला बिल्कुल गलत है। ये ऑपरेटर पिछले छह सालों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं और अब विभाग ने इन्हें हटाने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया है। इंटक प्रांतीय वरिष्ठ उपप्रधान विजय सिंह और कर्मचारी संघ के प्रांतीय वरिष्ठ उप-प्रधान नरेंद्र दिनोद ने भी सरकार के इस फैसले की आलोचना की। सर्व कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय उप-प्रधान रणबीर सिंह ने इन कंप्यूटर ऑपरेटरों को नियमित करने की मांग की।
किस रूट की कितनी ट्रिप हुई प्रभावित
रोडवेज कर्मचारियों के तीन घंटे के चक्का जाम के दौरान दादरी डिपो से अलग-अलग रूटों पर चलने वाली बसों की 52 ट्रिप प्रभावित हुई। इनमें दादरी-रोहतक रूट की दस, दादरी-भिवानी रूट की नौ, दादरी-झज्जर रूट की छह, दादरी-नारनौल रूट की आठ, दादरी-बाढड़ा-लोहारू रूट की पांच, दादरी-कनीना रूट की नौ व दादरी-कोसली रूट की पांच ट्रिप प्रभावित हुई।
हड़ताल की पहले होती जानकारी तो नहीं करते सफर
रोहतक से महेंद्रगढ़ जाने वाली बस में मैं सवार हुआ था। दादरी पहुंचने के बाद पता चला की रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। अगर हड़ताल की पहले से जानकारी होती तो सफर करता ही नहीं।
प्रदीप, यात्री
मैं जरूरी काम से महेंद्रगढ़ जाने के लिए चंडीगढ़ से आई हूं। दादरी से आगे अब बसें नहीं जा रही है। पिछले करीब डेढ़ घंटे से इंतजार कर रही हूं। निजी वाहनों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है।
सोनम, यात्री
बाढड़ा से बौदकलां जाने के लिए मैं आया था। दादरी आने के बाद बौंदकलां की चक्का जाम होने के चलते बस ही नहीं जा रही है। पिछले करीब दो घंटे से परेशान हूं। हड़ताल की जानकारी होती तो मैं घर से नहीं निकलता।
चांद सिंह, यात्री
बाढड़ा से रोहतक किसी काम से जाना है। समय पर पहुंचना बहुत जरूरी है। रोडवेज कर्मचारियों ने हड़ताल कर दी है। प्राइवेट वाहन में जाना पड़ेगा। गर्मी के मौसम में चला भी नहीं जा रहा है।
विद्या देवी, यात्री
रोडवेज की तीनों यूनियनों ने चक्का जाम को समर्थन दिया है। जीएम ने वर्कशॉप मैनेजर को फोन पर कंप्यूटर ऑपरेटरों को न हटाने का आश्वासन दिया है। इसके बाद ही कर्मचारियों ने चक्का जाम खोला।
राजेश रावलधी, इंटक प्रधान