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Jhajjar-Bahadurgarh News: 119 नए पात्रों ने जमा करवाई एकमुश्त 10 हजार की राशि, 20 होंगे अपात्र

Thu, 13 Nov 2025 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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12jjrp05- नगर परिषद का कार्यालय। संवाद
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झज्जर। मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत नए 119 पात्रों ने ऑनलाइन फीस पोर्टल पर जमा करवा दी है, लेकिन अब इनमें से कई अपात्र की श्रेणी में आ सकते हैं। इस बार नगर निकाय की तरफ से इनकी पहले ही सभी कागजात की जांच करवाई जा रही है।
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जांच में अब तक लगभग 20 पात्र ऐसे सामने हैं, जिन पर अपात्रता का संकट छाने लग गया है। नगर निकाय की तरफ से पात्रों से लिए गए कागजात में चार ऐसे मिले हैं, जिनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से ज्यादा है। योजना का लाभ लेने के लिए आय एक लाख 80 हजार से कम तय की गई है।
जब पात्रों से कागजात जमा करवाए गए तो उनकी आय परिवार पहचान पत्र में एक लाख 80 हजार से ज्यादा पाई गई, जिसके चलते वह अब अपात्र हो जाएंगे। आवेदन करते व एकमुश्त राशि भरते समय परिवार पहचान पत्र में उनकी आय एक लाख 80 हजार रुपये से कम थी।
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इसके अलावा एकमुश्त 10 हजार रुपये की राशि भरने के बाद चार पात्रों ने पत्र देकर योजना में शामिल नहीं होने बारे आवेदन दिया है। इसी प्रकार से चार पात्र ऐसे मिले हैं, जिनके पहले से ही प्लाॅट थे, लेकिन उसके बाद भी उन्होंने फार्म भरा। इस पर उनका प्लाॅट निकला और अब एकमुश्त 10 हजार रुपये की राशि भर दी।
जांच में सभी चारों पात्रों के पास प्लाॅट मिले हैं, जिस कारण उनको अपात्र माना जाएगा। इसी प्रकार से एक पात्र ऐसा भी पाया गया, जिसने पीएम शहरी आवास योजना 1.0 के तहत योजना का लाभ लिया था। इसके चलते अब वह इस योजना में शामिल नहीं हो पाएगा।
इसके अलावा दो पात्र ऐसे मिले, जिनकी फैमिली आईडी दूसरे शहर की थी। यहां बता दें कि पिछले साल 851 पात्रों के प्लाॅट सेक्टर-6 व सेक्टर-9 में निकले थे। इसके बाद उनकी पैमाइश करवाई गई थी। फिलहाल 851 में 670 पात्रों की पैमाइश का काम पूरा हुआ है जबकि बाकी का काम लंबित छोड़ा गया है।


पांच पात्रों के मोबाइल नंबर बंद या नहीं मिल रहे


10 हजार रुपये की एकमुश्त राशि भरने वालों में से पांच पात्र ऐसे भी हैं, जिन्होंने जो मोबाइल नंबर दिया हुआ है, वह बंद है या फिर मिल नहीं रहा है। ऐसे में उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है, क्योंकि एकमुश्त राशि भरने के बाद उनको अपने कागजात नगर निकाय में जमा करवाने हैं।


पार्षदों के परिजनों को मिले थे प्लाॅट, बाद में किया सरेंडर
नगर परिषद के दो पार्षदों के परिजनों के भी मुख्यमंत्री आवास योजना शहरी के तहत प्लाॅट निकले थे। इस पर नगर निकाय अधिकारियों को शिकायत की गई थी। इसके बाद जांच एडीसी को सौंपी गई थी। इस मामले में बाद में चंडीगढ़ तक शिकायत की गई। उसके बाद संबंधित पात्रों ने अपने प्लाॅट को सरेंडर करने के लिए आवेदन नगर परिषद को दिया था ताकि विवाद की स्थिति न बने।


मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना के तहत 119 नए पात्रों ने एकमुश्त राशि आनलाइन जमा करवाई है। इसमें कई लोग ऐसे हैं, जिनकी परिवार पहचान पत्र में आय बढ़ी हुई है तो कुछ के पास पहले से ही प्लाॅट हैं। ऐसे में यह लोग अपात्र होंगे। फिलहाल इस समय संबंधित विभाग को अपना निर्णय लेना है।
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- अरुण सग्गू, इंचार्ज, मुख्यमंत्री शहरी आवास योजना
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