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24 नहीं केवल आठ टन कचरा ही पहुंचेगा अब डंपिंग प्वाइंट पर

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चरखी दादरी। रानियां वाला जोहड़ डंपिंग प्वाइंट पर बढ़ रहे कचरे को दबाव को कम करने की मास्टर प्लान नगर परिषद ने तैयार कर लिया है। इसके तहत शहर से निकलने वाले गीले कचरे से जैविक खाद तैयार की जाएगी जबकि सूखे कचरे की रि-साइकिल प्रक्रिया में कूड़ा बीनने वालों की मदद ली जाएगी। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि जितना कचरा फिलहाल डंपिंग प्वाइंट पर पहुंच रहा है उसका 30 फीसदी ही कूड़ा दोनों प्रक्रियाओं को शुरू करने के बाद डंपिंग प्वाइंट पर पहुंचेगा। इससे पहले वार्डों के लोगों को भी गीला और सूखे कूड़े का निस्तारण अलग-अलग डस्टबिनों में करने के लिए जागरूक किया जाएगा। इस पूरे अभियान का खाका तैयार हो चुका है। वार्ड-एक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अगले माह से इसकी शुरूआत होगी।
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स्वच्छता सर्वेक्षण सर्वे-2018 में 314वीं रैंक हासिल करने वाला दादरी शहर स्वच्छता के मामले में अन्य शहरों से काफी पीछे चल रहा है। इसका कारण नगर परिषद द्वारा कचरा प्रबंधन के ठोस कदम न उठाना और शहरवासियों में जागरूकता का अभाव है। पिछले लंबे समय से नगर परिषद कर्मचारी संसाधनों के अभाव में शहर से एकसाथ गीला और सूख कचरा उठाकर इसे डंपिंग प्वाइंट पर डाल रहे हैं। इसके चलते करीब एक साल पहले शुरू किया गया रानियां वाला जोहड़ डंपिंग प्वाइंट की जमीन पर इस समय काफी तादाद में ही कचरा जमा हो गया है। नप सूत्रों की मानें तो गत एक साल में 2450 टन कचरा डंपिंग प्वाइंट पर डाला गया है और यह प्रक्रिया यूं ही जारी रहती है तो आगामी दो साल के अंदर डंपिंग प्वाइंट पर कचरा डालने के लिए जगह ही नहीं बचती।
विकट बनने वाले इन हालातों को देखकर नगर परिषद ने अपने संसाधनों का दायरा बढ़ाने के साथ-साथ कम से कम कचरा ही डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचाने की प्लानिंग तैयार कर ली है। नप अधिकारियों का कहना है कि शहर से कचरा निस्तारण की भावी प्लानिंग में आमजन की भागेदारी सबसे अहम होगी। लोगों को भी अब थोड़ा जागरूक होने की जरूरत है और इसके लिए नगर परिषद वार्डों में पार्षदों और युवाओं की टीमों को भेजकर जागरूकता लाने का प्रयास करेगी। नगर परिषद अब शहर के हर प्रतिष्ठान या घर पर दो डस्टबिन रखवाने का प्रयास करेगी। सभी 21 वार्डों के लोगों को 10510 लीटर की क्षमता वाला हरा और नया डस्टबिन खरीदना होगा। गीला कचरा उन्हें हरे और सूखा कचरा नीले डस्टबिन में डालना होगा। इसके बाद नगर परिषद दोनों डस्टबिनों को अलग-अलग खाली करेगी।
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यूं तैयार होगी जैविक खाद
घरों या बगीचे से निकलने वाले हॉर्टिकल्चर वेस्ट से जैविक खाद बनाने के लिए नगर परिषद हर वार्ड में बस्ती से दूर पिट (गड्ढा) बनाएगी। इसमें इस कचरे को दबाया जाएगा और करीब 30 से 40 दिन के अंदर कचरे से खाद तैयार हो जाएगी। इसके बाद यह खाद किसानों को दी जाएगी। जैविक खाद बनाने की प्रक्रिया रोज गार्डन में भी शुरू की जाएगी। इसके लिए नगर परिषद ने यहां पिट बना दिया है। यहां केवल पार्क के कूड़े से ही खाद तैयार होगी।

डंपिंग प्वाइंट पर यूं प्रतिदिन 16 टन कम पहुंचेगा कचरा
नगर परिषद अधिकारियों का कहना है कि इस समय शहर के सभी 21 वार्डों से प्रतिदिन 24 टन कचरा निकलता है जिसमें गीला और सूखा कचरा 12-12 टन होता है। प्रतिदिन निकलने वाले 12 टन कचरे से खाद तैयार की जाएगी और इस कचरे की तादाद को देखकर ही हर वार्ड में पिट बनाने का निर्णय लिया गया है। पिट आवासीय बस्ती से थोड़ा दूर खाली जगह पर बनाया जाएगा। वहीं, शहर से जो 12 टन कचरा निकलता है उसकी कूड़ा बीनने वालों से छंटाई कराई जाएगी। इस दौरान प्लास्टिक बोतलों, लोहा व अन्य सामान को अलग किया जाएगा। प्रतिदिन शहर से 4 टन ऐसा कचरा निकला है। इन दोनों प्रक्रियाओं के बद महज आठ टन कचरा ही डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचेगा।

ई-रिक्शा होगी मुहिम में मददगार
इस समय नगर परिषद पांच ट्रालियों और सात टिपरों से शहर के 10 वार्डों से कचरे का उठान कर रही है। भावी प्लानिंग को देखकर नगर परिषद 20 ई-रिक्शा भी खरीदेगी। ये रिक्शा काफी कारगर सिद्ध होंगी। इस समय शहर की तंग गलियों से कचरा उठान के लिए टिपर नहीं पहुंच पा रहे है और ऐसी गलियों के लिए ही ये ई-रिक्शा खरीदी जाएंगी।

कचरा उठान और संसाधनों की स्थिति
वार्ड- 21
जनसंख्या- 70 हजार
फ्लोटिंग जनसंख्या- एक लाख
कुल कर्मचारी-191
कच्चे कर्मचारी- 130
पक्के कर्मचारी-61
ट्रैक्टर-टॉली-05
ऑटो टीपर-05
बड़े डस्टबिन-70
छोटे डस्टबिन- 120
रेहड़ियां- 45
लोढर-01


हमने सारा खाका तैयार कर लिया है लेकिन जनता का सहयोग इसमें सबसे अहम रहेगा। आमजन से अपील है कि अपने-अपने घरों में एक-एक छोटा हरा और नीला डस्टबिन रख लें। इनमें गीला और सूखा कचरा अभी से अलग-अलग डालना शुरू कर दें। गीले कचरे से नप खाद तैयार कराएगी जबकि सूखे कचरे की छंटाई की जाएगी। इसके बाद 24 में से महज आठ टन कचरा ही डंपिंग प्वाइंट तक पहुंचेगा।
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विजयपाल, सचिव, नगर परिषद
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