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नागरिक अस्पताल में नहीं हैं आग से बचाव के इंतजाम

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़।
हर बड़ी घटना के बाद प्रशासन व सरकार हरकत में आती है, लेकिन अफसोस वह भी कुछ गिने-चुने दिनों के लिए। शनिवार को गोहाना के खानपुर मेडिकल कॉलेज में लगी आग में दो की मौत हो गई। इसके बाद अमर उजाला टीम ने शहर के नागरिक अस्पताल में आग से बचाव के इंतजाम की पड़ताल की गई। इस दौरान आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी थे। अचानक आग लगने पर अस्पताल में आग बुझाने की कोई व्यवस्था नहीं है। हां फायर उपकरण लगे जरूर हैं मगर वह चलाने के लिए भी कर्मचारियों को ज्ञान नहीं है। जोकि यहां पर नहीं है। यहां पर होज पाइप फिटिंग भी नहीं हुई है। अब अस्पताल प्रशासन जागा है और इसका एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
गोहाना के खानपुर मेडिकल कॉलेज में गत दिनों आगजनी की घटना के बाद एक बार फिर अस्पतालों में आगजनी से सुरक्षा के इंतजामात को लेकर सवाल उठने लगे हैं। यूं तो बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में आगजनी से बचाव के लिए 70 अग्निशमन यंत्रों की व्यवस्था है, लेकिन इन्हें चलाने वाले कर्मचारियों की खासी कमी है। अस्पताल में आगजनी की घटना हो जाए तो ये केवल दीवारों पर ही लटके रहेंगे। जब इन्हें चलाने वाला ही नहीं होगा तो आग कैसे बुझेगी। इसके लिए कर्मचारियों को ट्रेंड किया जाना चाहिए।
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नागरिक अस्पताल में होज पाइप फिटिंग के लिए भेजा एस्टीमेट
अस्पताल बिल्डिंग तो पूरे सही तरीके से बनाकर तैयार करा दी गई। मगर अस्पताल बनाते समय फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं लगवाया गया। 8 वर्ष बीतने के बाद अब अधिकारियों को नागरिक अस्पताल में होज पाइप फिटिंग की याद आई है। अधिकारियों ने इसके लिए एस्टीमेट बनाकर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। अब देखना यह होगा कि अधिकारियों की ओर से यह एस्टीमेट कब पास होता है और कब अस्पताल में आग से बचाव के लिए होज पाइप फिटिंग होती है। अस्पताल की बिल्डिंग में चार फ्लोर है। यहां पर दो लिफ्ट लगी हुई हैं।
अब भेजा गया है एस्टीमेट
अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया है कि अस्पताल में भीड़भाड़ रहती है। आग से बचाव के लिए यूं तो पूरे अस्पताल में 70 फायर उपकरण लगाए गए हैं और उनको रिफिल भी करा लिया गया है। मगर फिर भी होज पाइप फिटिंग की आवश्यकता है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने दमकल केंद्र को अस्पताल का एस्टीमेट बनाने के लिए लिखा, दमकल की ओर से लगभग 50 लाख का एस्टीमेट बनाया गया है। जिसे उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। अस्पताल प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि यह समस्या भी जल्द दूर हो जाएगी। इसके लिए जल्द ही अनुमति मिलने वाली है।
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क्या कहते हैं अधिकारी
अस्पताल प्रशासक डॉ. वीरेंद्र का कहना है कि होज पाइप फिटिंग के लिए जिला चिकित्सा अधिकारी को एस्टीमेट बनवाकर भेजा गया है। अस्पताल में 70 फायर उपकरण लगाए गए हैं। पिछले वर्ष ही यह उपकरण लगवाए गए थे। अब इन्हें दोबारा से रिफिल भी करा दिया गया है।
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