फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोहरे का कहर: ट्राले की चपेट में आई में पिकअप, व्यापारी पिता-पुत्र घायल

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
घने कोहरे में शनिवार सुबह दादनपुर-चांदपुर गांव के पास दो ट्रॉलों के बीच में पिकअप गाड़ी आने से तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सामान्य अस्पताल में पहुंचाया। जहां पर उनका उपचार चल रहा है। तीनों घायलों ने किसी भी प्रकार की पुलिस कार्रवाई करवाने से मना कर दिया।
राजस्थान के अलवर जिला के मुंडावर कस्बे से सामान्य अस्पताल पहुंचे घायलों के परिजन विनोद ने बताया कि उनका भाई अशोक पिता मूलचंद के साथ पिकअप गाड़ी में सवार होकर अलवर से रोहतक के लिए चले थे। जिनकी गाड़ी दादनपुर गांव के पास दो ट्रॉलों के बीच में आ गई। ट्रॉलों की टक्कर से गाड़ी में सवार उसके पिता मूलचंद व भाई अशोक के अलावा ड्राईवर नरेश को चोटें आई हैं। इसके चलते उन्हें सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर उनका इलाज चल रहा है। विनोद के अनुसार उनकी मुंडावर कस्बे में कपड़े की दुकान है और वे रोहतक की शौरी मार्केट से थोक में कपड़ा लेकर जाते हैं। शनिवार को भी उसका पिता और भाई पिकअप गाड़ी में रोहतक कपड़ा लेने के लिए जा रहे थे।
विज्ञापन

सीआईडी कर्मी ने दिखाई मानवता
हादसे की सूचना मिलने पर अलर्ट हुए खुफिया विभाग के कर्मचारी सतीश खन्ना घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने घायलों को एंबुलेंस की सहायता से झज्जर के सामान्य अस्पताल पहुंचाया। वहीं, व्यापारियों का रुपयों से भरा बैग एंबुलेंस में ही रह गया। जिसे सतीश खन्ना ने अपने कब्जे में लेकर खोला तो उसमें पौने छह लाख रुपये कैश मिला। घायल व्यापारियों के मोबाइल से सतीश खन्ना ने परिजनों को सूचित किया व उनके हादसे व रुपयों के बारे में जानकारी दी। जब परिजन सामान्य अस्पताल में पहुंचे तो सतीश खन्ना ने परिजनों के हवाले रुपयों से भरा थैला कर दिया।
धुंध के चलते टकराए पांच वाहन
धुंध के कारण दादनपुर-चांदपुर के पास एक के बाद एक पांच वाहन टकरा गए। 300 मीटर के दायरे में ही तीन ट्रॉले और दो पिकअप गाड़ियां आपस में टकरा गई। गनीमत रही कि हादसों में पिता-पुत्र व्यापारी और एक पिकअप चालक के अलावा किसी अन्य को चोट नहीं लगी। हादसे के शिकार किसी भी वाहन चालक ने पुलिस को शिकायत नहीं दी।
वर्जन
हादसे को लेकर किसी भी पीड़ित के द्वारा शिकायत नहीं दर्ज करवाई गई। अगर शिकायत आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
- सोमवीर, एसएचओ, थाना झज्जर।





अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
कोहरे के बढ़ते प्रभाव के कारण इन दिनों दृश्यता शून्य हो रही है, जिसके चलते वाहन चालकों को सड़क पर कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा। ऐसे मौसम में वाहन चालकों के लिए सफेद पट्टी ही एकमात्र सहारा होती है, जिनसे अनुमान लगाकर ही वाहन चालक अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। लेकिन जिले की सड़कों से सफेद पट्टी कहीं पूरी तरह से गायब तो कहीं धुंधली हो गई है। हाईवे के 50 किलोमीटर को छोड़ दिया जाए तो जिले के 874 किलोमीटर सड़क मार्ग पर कमोबेश यही स्थिति है। ऐसे हालात में वाहन चालकों के लिए धुंध आफत बन रही है।
सफेद पट्टी से रहती गाड़ी चलाने में आसानी
सड़कों पर सफेद पट्टी होने के कारण घने कोहरे में चालक को वाहन चलाने में काफी हद तक आसानी रहती है। सड़कों पर बनी सफेद पट्टी में रिफ्लेक्टर होता है। जिस पर वाहन की लाइट पड़ते ही वह चमकने लग जाता है, जिससे वाहन चालक को सड़क का आभास हो जाता है। अगर सड़क पर सही ढंग से एक बार सफेद पट्टी लगा दिया जाए तो यह दो से तीन साल तक सही कार्य करती है।
विज्ञापन

वर्जन
मौसम खराब होने की वजह से सफेद पट्टी लगाने का कार्य शुरू नहीं करवाया जा रहा। धुंध का सीजन शुरू होने से पहले कुछ जगहों पर पट्टी न होने की शिकायत मिली थी, जिन्हें दूर करवा दिया था। धुंध के मौसम में सफेद पट्टी लगवाने पर जल्दी धुंधली पड़ जाती है।
- विरेंद्र मलिक, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, झज्जर।

- सड़कों से गायब हुई सफेद पट्टी, चालकों को नहीं दिख रहा रास्ता
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें