अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
नगरपालिका में इन दिनों की घोटालों की बाढ़-सी आ गई है। अभी 85 लाख की टाइल घोटाले की जांच पूरी नहीं हुई थी कि नपा द्वारा गोशाला में साढ़े 13 लाख की लागत से लगाई गई चार हाईमास्ट एलईडी लाइटों की जांच शुरू हो गई है। लाइटों की खरीद में नपा के अधिकारियों की भूमिका को संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है।
हुआ यूं कि डी-प्लान के तहत गोशाला में चार हाईमास्ट लाइटें एडीसी ने लगाने के लिए नपा को कहा। जिस पर नपा ने चार हाईमास्क एलईडी लाइटें शहर की चारों मुख्य गोशाला में एक-एक लगवा दी। नपा अधिकारियों ने इन लाईटों पर खर्च किए साढे़ 13 लाख का भारी भरकम बिल एडीसी के कार्यालय में भेजा। केवल चार लाइटों पर इतनी राशि का बिल जब एडीसी की टेबल पर गया तो मामला गड़बड़ वाला लगा। जिस पर एडीसी ने तुरंत प्रभाव से हाईमास्ट लाइटों की पेमेंट पर रोक लगाते हुए जांच करने के आदेश जारी कर दिए हैं। वहीं इसकी जांच पंचायती राज के एक्सईएन यूनूस खान को सौंपी गई है।
टाइलों घोटाले की जांच जारी
नपा अधिकारियों द्वारा 85 लाख की टाइलें लूटवाने के बाद भी जब कोई संज्ञान नहीं लिया गया तो अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिस पर मामले की जांच नपा के ही एमई रमेश शर्मा को सौंप दी गई। कायदे से तो ये जांच किसी अन्य सीनीयर अधिकारी से करवाई जानी चाहिए थी। लेकिन नपा के एमई द्वारा भी इस जांच को तीन माह के बाद भी पूरा नहीं किया गया।
जांच हुई तो और भी मिलेंगे घोटाले : यादव
पूर्व चेयरमैन दिनेश यादव ने कहा कि अगर नपा के द्वारा करवाए जाए जा रहे विकास कार्यों की जांच करवाई जाए तो और भी काफी घोटाले सामने आ सकते हैं। पिछले एक वर्ष में पहले तो विकास कार्य शुरू नहीं करवाए गए। जब शुरू हुए तो जमकर लूट मचाई गई। वो सभी मामलों को लेकर सीएम विंडो व लोकायुक्त में जाएंगे।
वर्जन
चार लाइटों पर साढे़ 13 लाख का बिल बनाया गया है, जो संदेहजनक है। मामले की जांच पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता यूनूस खान को सौंपी गई है। जांच में दोषी पाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- केवल चार लाइटों पर खर्च कर दिए साढ़े 13 लाख
- एडीसी बांगड़ ने सौंपी पंचायती राज एक्सईएन को जांच