अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
दोपहर तक उमस के बाद करीब तीन बजे शुरू हुई बारिश ने लोगों को राहत देने का काम किया। बुधवार की शाम तक झज्जर में 25 एमएम बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश से झज्जर शहर में हुए जलभराव ने बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। शहर के काफी इलाकों में जलभराव हो गया। जिसके चलते लोगों की दुकानों और मकानों में पानी घुस गया। पानी की निकासी नहीं होने के कारण देर रात तक पानी सड़कों पर ही खड़ा भरा दिखाई दिया। जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव का आलम ये है कि सड़क के बीच में बनाया गया डिवाइडर भी वाहन चालकों को नजर नहीं आ रहा था, जिसके चलते कुछ कार चालकों को नुकसान भी उठाना पड़ा।
यहां ज्यादा बिगड़े हालात
शहर में बीकानेर चौक, पुराना बस अड्डा, छिक्कारा चौक, छारा चुंगी, बादली रोड़, सिलानी गेट, कोसली रोड के इलाकों में काफी जगहों पर जलभराव के हालात बने हुए हैं। लोगों के सामने आफत खड़ी हो गई है कि वे किस प्रकार अपने दैनिक जरूरतों की चीजें लेकर आएं। वहीं शहर के पुराना बस स्टैंड से छिक्कारा चौक तक सड़क पर पानी करीब डेढ फीट चढ़ जाने के कारण दुकानों में घुस गया। जिसके चलते ये मार्केट दुकानदारों के द्वारा बारिश के रुकते ही बंद कर दी गई। वहीं विकास नगर के काफी मकानों में पानी घुस गया।
नपा की लापरवाही उजागर
मानसून की तैयारियों को लेकर नपा ने जिस प्रकार से लापरवाही बरती है, अब वो खुलकर सामने आ गई है। नपा के द्वारा दावे किए जा रहे थे नालों की अच्छी सफाई करवा दी गई है लेकिन जिस प्रकार से नालियां ब्लॉक होने के कारण सड़कों पर पानी जाम है, उससे साफ दिख रहा कि किस प्रकार से नाला सफाई के नाम पर खानापूर्ति की गई है। बारिश के दौरान जलभराव के हालात बनने पर नपा अधिकारियों के हाथ-पैर फूले नजर आए। बारिश के बीच नपा सफाई कर्मी पानी निकासी की जुगत में जुटे हुए नजर आए।
बेरी में भी हुआ जलभराव
बारिश के पानी की निकासी न होने से कस्बे के अनेकों मार्गों पर पानी जमा रहा। स्थिति यहां तक खराब थी कि छोटे वाहनों का वहां से गुजरना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं था। कस्बे के मैन बाजार में पानी जमा होने के कारण काफी समय तक वाहनों का आवागमन थम सा गया। वहीं देवी मंदिर वाली गली, मैन बाजार, गोशाला मार्ग वाली गली में एक से डेढ़ फुट तक पानी भर गया। बारिश से बेरी के बस स्टैंड में पानी जमा होने के कारण यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ा है।
फसलों को होगा फायदा
कृषि अधिकारी रोहताश सिंह के अनुसार बारिश से पानी की काफी बचत हुई है। इस मौसम में फसल को अच्छी बारिश मिल जाए तो वह बहुत ही लाभकारी सिद्ध होती है। धान की फसल में काफी लाभ हुआ है, चूंकि धान की फसल के लिए पानी की अधिक मात्रा में आवश्यकता पड़ती है। अब तो बारिश की हर बूंद सोने के समान है।
- किसानों के लिए राहत तो शहर में आफत बनी बारिश
- सामान्य अस्पताल परिसर, सिटी चौकी समेत कई कार्यालयों में हुआ जलभराव