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1121 धान के भाव में आई गिरावट, बाजरा आना हुआ बंद

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झज्जर। अनाज मंडी झज्जर में 1121 धान के भाव में तीन से दिनों से गिरावट आ रही है। इससे यहां कम मात्रा में धान पहुंच रहा है।
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आढ़तियों ने बताया कि 3 से 4 दिनों से धान की आवक कम हुई है। इसका मुख्य कारण धान की 1121, 1718 किस्म के धान को अनाज मंडी में खरीदा जा रहा था और धान के भाव में बुधवार को भी 100 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को 7 किसानों की ओर से 199 क्विंटल धान अनाज मंडी में लाया गया है। वहीं आढ़तियों ने बताया कि कम कीमत होने के कारण बड़े जमींदारों ने अपने धान को स्टॉक कर लिया है। जब कीमत में उछाल आएगा तब धान को बेचने के लिए झज्जर, बेरी, मातनहेल व दिल्ली की अनाज मंडियों में लेकर जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 3-4 दिन से धान की कीमतों में लगातार गिरावट के चलते किसानों ने धान मंडी में न लाने का मन बनाया है। जिससे आढ़तियों में काफी मायूसी नजर आई। आढ़तियों ने बताया कि जब धान का भाव 4000 हजार रुपये प्रति क्विंटल था तो धान की आवक हजार से बारह सौ क्विंटल प्रतिदिन हो रही थी, लेकिन अब धान में लगातार मंदी आने के कारण किसान काफी कम आ रहे हैं। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सतवीर सिंह मल्हान ने बताया कि किसान गेहूं की सिंचाई में लगे हुए हैं, जिस कारण धान मंडी में नहीं पहुंच रहा है। एक दो दिन बाद धान में एकाएक तेजी आएगी। किसान दोबारा से अनाज मंडी में अपने धान को लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि धान और बाजरे का उठान किया जा रहा है मौसम खराब होने के कारण धान व बाजरा खराब होने की आशंका से बचने के लिए आढ़ती गाड़ियों में भरकर विभिन्न मंडियों में भेजने का कार्य कर रहे हैं।
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वर्जन
दो-तीन दिन से धान की आवक कम दर्ज की जा रही है। मार्केट कमेटी की ओर से पहले दो मुख्य गेटों पर कर्मचारियों को गेट पास काटने के लिए बैठाया गया था, लेकिन अब एक जगह कंप्यूटर ऑपरेटरों को बैठाया गया है। किसानों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- विजय सिंह, सह-सचिव, मार्केट कमेटी, झज्जर।
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