अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। शहर की अनाज मंडी में करीब 45 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है। उसके बाद भी करीब 20 हजार क्विंटल सरसों अनाज मंडी में पड़ी है। उठान की प्रक्रिया धीमी होने के कारण मंडी में आढ़तियों ने किसानों को सरसों डलवाने से इनकार कर दिया है। किसान मंडी से अपनी सरसों वापस लेकर जा रहे हैं। लेकिन खरीद एजेंसी की तरफ से सरसों की खरीद का कार्य निरंतर रूप से किया जा रहा है। झज्जर की अनाज मंडी में करीब 45 हजार क्विंटल सरसों की खरीद हो चुकी है और इसमें से करीब 33 हजार क्विंटल सरसों का उठान हो चुका है। अब हैफेड की तरफ से सरसों के भंडारण लिए प्राइवेट गोदाम देखने की प्रक्रिया शुरू की हुई है। बताया जा रहा है कि गुढ़ा गांव में सरसों के भंडारण के लिए गोदाम देखे जा रहे हैं। ताकि सरसों का भंडारण यहां पर किया जा सके और उठान कार्य में तेजी आ सके। शहर की अनाज मंडी में बड़े पैैमाने पर ऐसी सरसों पड़ी है, जिसकी खरीद पूरी न होने के कारण आढ़ती मंडी में किसानों की सरसों नहीं डलवा रहे हैं। इसकी वजह से किसान अपनी सरसों वापस लेकर जा रहे हैं। आढ़ती किसानों को सरसों डलवाने के लिए जगह न होने की बात कह कर वापस भेज रहे हैं। जिसकी वजह से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
किसान बोले, सरसों बेचने के लिए लगाने पड़ रहे चक्कर
अनाज मंडी में तीन एकड़ की सरसों लेकर आए थे। लेकिन आढ़ती सरसों डलवाने से इनकार कर रहे हैं। सरकार
ने कुछ तो नियम ऐसे बना दिए और ऊपर से सरसों बेचने के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब ट्रैक्टर ट्रॉली में सरसों डालकर मंडी लाए थे। अब बिना सरसों बेचे ही वापस घर जाना पड़ेगा।
राजकुमार, किसान, बीड़ सुनारवाला।
तीन एकड़ भूमि में सरसों बोई थी। पोर्टल पर सरकार के नियमानुसार रजिस्ट्रेशन भी करवाया था। अब सरसों डलवाने से आढ़ती इनकार कर रहे हैं। दोबारा से सरसों मंडी में लेकर आनी पड़ेगी। दोबारा तेल का खर्चा वहन करने के साथ-साथ दोबारा मेहनत भी करनी पड़ेगी।
राजपाल, किसान बाजीतपुर।
अनाज मंडी में सरसों लेकर किसान आ रहे हैं। जब आढ़ती सरसों डलवाने से इनकार कर देते हैं तो उनके दिल पर क्या बीतती है, इसे तो वही जानते हैं। ढाई एकड़ भूमि की सरसों लेकर मंडी में आया था। जब सरसों मंडी में नहीं डलवाई तो वापस अपने घर ले गया। अब आढ़ती जब कहेंगे, उस समय सरसों ले आएंगे।
कुलदीप, किसान बोड़िया।
अनाज मंडी में जब सरसों डलवाने के लिए जगह ही नहीं है तो आढ़ती सरसों को कहां डलवाएंगे। ऊपर से गेहूं की आवक शुरू हो चुकी है। जब तक सरसों का उठान पूरा नहीं होगा उस समय तक परेशानी आएंगी।
चांद सिंह पहलवान, प्रधान आढ़ती एसोसिएशन, अनाज मंडी, झज्जर।
गोदाम में एक गाड़ी स्टैग पर लगने के बाद उसके खाली होने तक दूसरी गाड़ी वहां लगने की जगह न होने से परेशानी आ रही थी। गुढ़ा गांव में गोदाम देखे जा रहे हैं। अगर मामला सिरे चढ़ा तो वहां पर भंडारण के लिए सरसों भेजी जाएगी।
जय प्रकाश, सरसों खरीद अधिकारी, हैफेड, अनाज मंडी झज्जर।