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हैंडलिंग एजेंट बनने की शर्तों पर हैफेड और आढ़ती एसोसिएशन के बीच फंसा पेच, एसीएस के सामने मामला सिरे चढ़ने के बाद देर शाम बिगड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। अतिरिक्त मुख्य सचिव के समक्ष हैंडलिंग एजेंट का विवाद सुलझने के बाद आढ़ती एसोसिएशन और हैफेड में तय शर्तों को लेकर फिर ठन गई है। आढ़ती हैंडलिंग एजेंट बनाने के लिए अपनी शर्तों पर अड़ गए हैं तो हैफेड के अधिकारियों ने भी मंडी ट्रेडर की बजाय किसी अन्य को एजेंट बनाने की तैयारी कर ली है। मामले में आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान का कहना है कि अगर ऐसा किया गया तो मंडी परिसर में सरसों और सरकारी गेहूं की खरीद नहीं होने देंगे। आढ़तियों में हैफेड द्वारा मंडी ट्रेडर की बजाय किसी बाहरी को एजेंसी का हैंडलिंग एजेंट बनाने से रोष है। आपसी तनातनी के कारण मंडी में शनिवार को तीसरे दिन भी सरसों की सरकारी खरीद शुरू नहीं हो पाई। हैफेड डीएम की मानें तो सोमवार से सरसों खरीद शुरू हो जाएगी और हैंडलिंग एजेंट और खरीद शेड्यूल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
प्रदेश सरकार के 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू करने के निर्देशों के बाद भी दादरी अनाज मंडी में हैफेड 30 मार्च तक सरसों की खरीद शुरू नहीं कर पाई है। अब तक हैफेड को हैंडलिंग एजेंट तक नहीं मिला है। वीरवार को आढ़तियों के सरकारी खरीद का बायकाट करने के फैसले के बाद शुक्रवार को प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुनील गुलहाटी और जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने आढ़तियों और हैफेड अधिकारियों के साथ किसान रेस्ट हाउस में बैठक की थी। इस बैठक में जहां आढ़तियों ने दस लाख की सिक्योरिटी राशि जमा कराने की शर्त पर सवाल खड़े किए थे। इसके बाद एसीएस सुनील गुलहाटी ले पांच लाख की सिक्योरिटी राशि फिक्स कर आढ़तियों को हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए राजी कर लिया था। मंडी आढ़तियों का कहना है कि एसीएस सुनील गुलहाटी के सामने यह बात स्पष्ट हो गई थी कि 48 घंटे में खरीदी गई सरसों का उठान नहीं हुआ तो घटत पर आढ़तियों की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। आढ़तियों का कहना है कि बैठक में हैफेड डीएम ने इस पर सहमति दे दी थी। जब देर शाम आढ़तियों ने उनसे लिखित में मांगा तो उन्होंने साफ मना कर दिया और हैंडलिंग एजेंट बनाने के लिए अपनी कुछ और शर्तें आढ़तियों पर थोप दी। इससे खफा आढ़तियों ने शनिवार सुबह 11 बजे अनाज मंडी में बैठक की। बैठक की अध्यक्षता प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने की जबकि संचालन महासचिव विनोद गर्ग ने किया। मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने कहा कि जब तक आढ़तियों की चार प्रमुख मांगें नहीं मानी जाती तब तक वो हैंडलिंग एजेंट बनने को तैयार नहीं है। बैठक में जयकरण, सुरेंद्र, राधेश्याम, संजय, रोशन लाल, मुरली, अनिल कुमार व गौरव आदि आढ़ती उपस्थित थे।
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ये हैं हैफेड की शर्तें
- आढ़तियों को सिक्योरिटी के तौर पर पांच लाख की राशि देनी होगी।
- हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए एक स्टांप पेपर पर लिखकर देना होगा।
- आढ़तियों को ट्रांसपोर्ट सुविधा दी जाएगी लेकिन उठान उन्हें कराना होगा।
- क्वालिटी की जांच और वजन होने तक जिम्मेदारी आढ़ती की होगी।

ये हैं आढ़तियों की प्रमुख चार मांगे
- सिक्योरिटी राशि नकद नहीं बल्कि पांच लाख का चेक देंगे।
- हैंडलिंग एजेंट बनने के लिए स्टांप पेपर पर लिखकर नहीं देंगे।
- खरीदी गई सरसों का वजन और क्वालिटी जांच मंडी में ही हो।
- 48 घंटे बाद आढ़तियों की जवाबदेही नहीं होगी, ये रिटर्न में दे।


- बीते तीन दिनों से लगातार मंडी आ रहा हूं। शनिवार को भी खरीद कार्य शुरू नहीं हुआ। आढ़तियों और हैफेड की खींचतान का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। रामकिशन, किसान

बच्चों का एडमिशन करवाना है और फसल बेच नहीं पा रहे हैं। सरकारी खरीद मंडी में अगर रविवार तक शुरू नहीं हुई तो अपनी सरसों आढ़तियों को सीधे बेचनी पड़ेगी। राजेश, किसान

वीरवार से मंडी में लगातार आ रहा हूं। दिनभर इंतजार करते हैं कि खरीद हो जाए और इसके बाद ट्रैक्टर को दादरी में एक परिचित के प्लॉट में खड़ा कर घर चला जाता हूं। विरेंद्र, किसान

15 दिन बाद बेटी की शादी है और मंडी में सरसों खरीद शुरू नहीं हो रही। शादी का सामान लाना है लेकिन हाथ में पैसे नहीं है। अगर सारी खरीद शुरू नहीं हुई तो सस्ते दाम पर बाहर सरसों बेचने पड़ेगी। बालू नंबरदार, किसान

जो शर्तों को मानेगा उसे ही हम हैंडलिंग एजेंट बनाएंगे। अगर आढ़ती तैयार नहीं है तो मंडी ट्रेडर की बजाय किसी बाहरी एजेंसी को हैंडलिंग एजेंट हम बना देंगे। सोमवार तक मंडी में सरसों की खरीद शुरू हो जाएगी। कृष्ण नरवाल, डीएम, हैफेड
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जब तक हमारी शर्तें नहीं मानी जाती तब तक हम हैंडलिंग एजेंट नहीं बनेंगे। अगर किसी बाहरी एजेंसी को हैंडलिंग एजेंट बनाया गया तो मंडी में आढ़ती एसोसिएशन सरसों और गेहूं की खरीद नहीं होने देगी। यह फैसला एसोसिएशन ले चुकी है। - रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान
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