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ढाई माह में टीबी के 300 नए मामले आए सामने, दस हाई रिस्क एरिया में लगाए जाने वाले कैंपों का शेड्यूल जारी

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। जिले में टीबी के मरीजों की तादाद में लगातार इजाफा होता जा रहा है। वर्ष 2019 में अब तक टीबी के 300 नए मामले सामने आ चुके हैं। ढाई माह के अंदर बड़ी तादाद में मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग ने जिले के दस क्षेत्रों को हाई रिस्क मानकर जांच कैंप लगाने का शेड्यूल जारी कर दिया है। इस कड़ी में दस अलग-अलग गांवों में अलग-अलग दिन कैंप लगाए जाएंगे। मेदांता से सहयोग की अपील पर एक वैन दादरी आ चुकी है। बीमारी की जांच में पुष्टि होने पर विभागीय टीम पीड़ित के घर जाकर उनको इसकी जानकारी देगी और इसके बाद विभाग की निगरानी में उनका उपचार होगा। शेड्यूल के अनुसार कैंप मार्च और अप्रैल माह में लगाए जाएंगे। इनकी शुरूआत वीरवार को झोझूकलां से हो गई है। कैंपों का समापन 24 अप्रैल को बौंदकलां में किया जाएगा।
जिले में टीबी से ग्रस्त मरीजों के पिछले आंकड़े की बात करें तो यह एक हजार था। बीते ढाई माह में यह बढ़कर 1300 हो गया है। लगातार टीबी पीड़ित मामले सामने आने के बाद सीएमओ विरेंद्र यादव ने स्थिति को भांपकर डिप्टी सीएमओ और नोडल अधिकारियों की बैठक ली थी। इसमें उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए थे। जिला मुख्यालय अस्पताल पर संसाधनों की कमी को देखकर अधिकारियों ने मेदांता से संपर्क किया था। विभागीय सूत्रों की मानें तो मेदांता हाईकमान ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। इसी कड़ी में गुरुग्राम से एक वैन दादरी भेजी गई है। इसमें टीबी संभावित के सैंपल लेने सहित एक्स-रे करने की भी सुविधा उपलब्ध है। वैन आने के बाद सीएमओ विरेंद्र यादव ने अपने स्टाफ की दोबारा बैठक ली। वीरवार को आयोजित बैठक में उन्होंने विस्तार से हाल ही में मिले टीबी संभावित केसों पर मंथन किया। इस दौरान जिले में दस हाई रिस्क जोन चिह्नित किए हैं। इसके अनुरूप ही सीएमओ ने टीबी जांच कैंप लगाने का शेड्यूल जारी कर दिया है।
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डिप्टी सीएमओ डॉ. मुनेश ने बताया कि दस हाई रिस्क जोन में एक-एक दिन कैंप लगाया जाएगा। इसके तहत मरीजों को वैन तक आना होगा और वहीं उनकी जांच की जाएगी। प्राथमिक जांच में अगर केस संदिग्ध लगा तो उसका एक्स-रे भी तुरंत किया जाएगा। इसके बाद मरीज को मौखिक तौर पर स्थिति की जानकारी दी जाएगी। अगर किसी में टीबी के लक्षण मिलने की पुष्टि हो जाती है तो फिर उस केस को विभागीय टीम लगातार मानीटर करेगी। वहीं, सीएमओ ने मेडिकल टीम को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस मुहिम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अस्पताल के नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
विभाग ने टीबी जांच कैंप लगाने का शेड्यूल तैयार कर लिया है। इससे पहले मरीजों को अस्पताल आकर बलगम की जांच करानी पड़ती थी। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को काफी परेशानी होती थी। इसके मद्देनजर ऐसे क्षेत्र चिह्नित किए हैं जहां टीबी का प्रकोप ज्यादा है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों के लोगों को अपनी जांच के लिए अस्पताल की बजाय वैन के पास पहुंचना होगा। वहां तुरंत इनकी निशुल्क जांच की जाएगी।

72 घंटे के अंदर पीड़ित के घर एक्स-रे रिपोर्ट लेकर पहुंचेगी टीम
डॉ. मुनेश ने बताया कि कैंप के दौरान जिन मरीजों के एक्स-रे किए जाएंगे उनकी जांच भी मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञों से कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि 48 घंटे के अंदर एक्स-रे रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों के पास पहुंचेगी। वहीं, अगर किसी के टीबी पीड़ित होने की पुष्टि हो जाती है तो फिर 72 घंटे के अंदर विभागीय टीम मरीज के घर पहुंचकर न केवल एक्स-रे रिपोर्ट सौंपेगी बल्कि मरीज का उपचार भी शुरू कर करेगी।
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ये रहेगा कैंप का शेड्यूल
दिनांक स्थान
14 मार्च झोझूकलां
15 मार्च बाढड़ा
22 मार्च एमसीएच दादरी
2 अप्रैल बधवाना
3 अप्रैल कादमा
10 अप्रैल खेड़ी बत्तर
16 अप्रैल सांवड़
19 अप्रैल कलियाणा
22 अप्रैल फतेहगढ़
24 अप्रैल बौंदकलां

टीवी के लक्षण
- दो सप्ताह से ज्यादा खांसी
- खांसी में खून का आना
- कमजोरी और अधिक थकान
- लगातार वजन में गिरावट आना
- भूख कम लगना
- शाम को शारीरिक तापमान बढ़ना

14 मार्च से 24 अप्रैल तक वैन को अलग-अलग गांवों में भेजा जाएगा। वैन में मरीजों के एक्स-रे भी किए जाएंगे और इनकी जांच मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञों से कराई जाएगी। जिले में लगने वाले कैंपों का शेड्यूल जारी कर दिया है। लोगों से अपील है कि अगर टीबी के लक्षण नजर आए तो वैन पर पहुंचकर अपनी जांच अवश्य कराएं। - विरेंद्र यादव, सीएमओ
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