झज्जर। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और जजपा का अगर प्रदेश में गठबंधन नहीं हुआ तो भाजपा सभी दस सीटें जीत जाएगी। राष्ट्रविरोधी भाजपा को रोकने के लिए इस गठबंधन का प्रदेश में होना आवश्यक है। अगर यह गठबंधन नहीं हुआ तो रोहतक-झज्जर लोकसभा से मजबूत उम्मीदवार बताए जा रहे दीपेंद्र हुड्डा को भी हार का मुंह देखना पड़ेगा। आप प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद ने वीरवार को झज्जर में पत्रकारों से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस समय सेना एयर स्ट्राइक कर रही थी तो भाजपा के नेता सेना की ड्रेस में बूथ को मजबूत कर रहे थे। भाजपा ने सेना के नाम पर राजनीति की है। ऐसे में माहौल जिस प्रकार से बनाया गया, उसको देखते हुए गठबंधन जरूरी हो गया है।
केवल समान विचाराधारा के साथ गठबंधन : दुष्यंत
आप नेता नवीन जयहिंद की गठबंधन संबंधी बात पर प्रतिक्रिया देते हुए जजपा नेता व सांसद दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वे केवल समान विचारधारा वाले दल के साथ गठबंधन के बारे में सोच सकते हैं। संविधान बचाने लिए कुछ चीजों से समझौता करना पड़ता है लेकिन चौधरी देवीलाल की विचारधारा को वे कभी नहीं छोड़ सकते। हालांकि उनकी तीन सदस्यीय कमेटी गठबंधन को लेकर अधिकृत है, कमेटी ही इस बारे में फैसला करेगी। वहीं उन्होंने दीपेंद्र के जनाधार वाले बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि जींद उपचुनाव में जनता देख चुकी है कि कांग्रेस का जनाधार कितना है और जजपा ने किस कदर लोगों के दिल में जगह बनाई है। वर्तमान में जजपा ही केवल विकल्प के तौर पर प्रदेश में सामने आ रही है।
आप व जजपा का नहीं प्रदेश में जनाधार: दीपेंद्र
सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने नवीन जयहिंद के बयान पर कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है। वे नवीन जयहिंद की बात का सम्मान करते हैं लेकिन प्रदेश में आप व जजपा का कोई जनाधार नहीं है। ऐसे में नहीं लगता कि दोनों दल कांग्रेस के सहयोगी दल के तौर पर स्टैंड नहीं करते। कांग्रेस के पास पूरे प्रदेश में मजबूत कैंडीडेट हैं, जो कि अपने दम पर चुनाव लड़ने में सक्षम हैं। रोहतक लोकसभा की जनता उन्हें प्यार करती है, इसलिए वे यहां के मतदाताओं की तरफ से वे निश्चिंत हैं। रोहतक जीतने की बात तो दूर भाजपा अभी तक प्रत्याशी का नाम भी तय नहीं कर पा रही है।