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रबी की फसलों में बढ़ा खरपतवार का प्रकोप

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रबी की फसलों में बढ़ा खरपतवार का प्रकोप
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- पौधे की वृद्धि एवं विकास पर पड़ रहा प्रतिकूल असर
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। रबी की फसलों में खरपतवार का प्रकोप बढ़ रहा है इस वजह से पौधे की वृद्धि एवं विकास प्रभावित हो रहा है। जिले में करीब 45 हजार एकड़ मेें किसानों ने गेहूं की बिजाई कर रखी है इसी प्रकार सरसों का आंकड़ा भी 40 हजार एकड़ के पार है।
- इस समय सरसो, गेहूं ,मेथी, जौ अदि रबी की फसलों में खरपतवार बढ़ रही है। खरपतवार के रूप मेें बथुआ, प्याजा, दूर्वा के अलावा अन्य अनावश्यक पौधे फसल में अपने आप उगे हुए हैं। खरपतवार के पौधे खेत से आवश्यक पोषक ग्रहण कर लेते हैं जिससे फसली पौधों केे लिए पोषक तत्वों की कमी पड़ जाती है। इस वजह से फसली पौधे का विकास एवं वृद्धि रुक जाती है। पौधे का पूर्ण रूप से विकास नहीं हो पाता। पौधे की बढ़ोतरी उतनी नहीं हो पाती। इसका असर फसल की औसत पैदावार पर भी प्रतिकूल रूप में पड़ता है। प्रति एकड़ औसत पैदावार कम हो जाती है जिससे किसान को प्रति एकड़ काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
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खरपतवार को उखाड़ने के लिए मशीन भी इस्तेमाल की जा सकती हैं लेकिन इससे फसली पौधों को नुकसान होने का अंदेशा बना रहता है। कृषि विभाग अधिकारी खरपतवार नाशक दवाओं का इस्तेमाल करने की भी सलाह देते हैं लेकिन हाथ से खरपतवार को उखाड़ना सबसे बेहतर माना जाता है। किसान रामौतार व महेंद्र सिंह ने बताया कि खरपतवार नाशक दवाएं हैं लेकिन दवाइयों का फसल में काफी नुकसान हो जाता है।
फोटो- 32
खेेतों में लहलहाती सरसों की फसल।
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