पेयजल संकट से परेशान रामनगर और कपूरी के ग्रामीणों ने शनिवार सुबह कपूरी जलघ् ार को ताला जड़ दिया। इस जल घर से करीब 45 फीसदी शहरी क्षेत्र को पानी सप्लाई किया जाता है। ग्रामीणों ने करीब दो घंटे तक जल घर पर हंगामा किया और जिला प्रशासन और सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। ताला जड़ने की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस व जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों को लिखित में ढाई घंटे प्रतिदिन पेयजल सप्लाई करने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
जिले के आदर्श गांव रामनगर के ग्रामीणों के कंठ पिछले एक माह से सूखे पड़े हैं। इस समय कपूरी व रामनगर के ग्रामीण पूर्णतया प्राइवेट सप्लाई पर निर्भर है। ये हाल तो तब है जब शहर की 45 फीसदी आबादी को पेयजल सप्लाई करने के लिए ये गांव विभाग को करीब साढ़े आठ एकड़ जमीन निशुल्क मुहैया करा चुके हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र की इस जमीन पर ही जन स्वास्थ्य विभाग ने गत कांग्रेस राज में शहर का दूसरा जल घर बनाया था। इसके बावजूद विभाग इन गांवों में नियमित पेयजल सप्लाई को लेकर कतई गंभीर नहीं है।
शनिवार सुबह करीब सात बजे रामनगर सरपंच राजीव यादव की अगुवाई में ग्रामीण एकत्र हुए और कपूरी जल घर पहुंच गए। यहां ग्रामीणों ने नारेबाजी कर अपना रोष जाहिर किया। इस दौरान ग्रामीणों ने यहां तैनात दो कर्मचारियों को जलघ् ार से बाहर निकाल दिया और इसके बाद मुख्य गेट को ताला जड़ दिया। इस दौरान ग्रामीणों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। तालाबंदी की सूचना पाकर सदर थाना प्रभारी जगराम और एसआई राजबीर सिंह अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से तालाबंदी का कारण पूछा। इस दौरान सरपंच व अन्य ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक माह से उनके गांव में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है। इसके चलते ग्रामीण परेशानियां झेलने को विवश हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण अपने स्तर पर ही पानी का प्रबंध कर रहे हैं और इसमें उन्हें शारीरिक व आर्थिक चपत लग रही है। इस पर थाना प्रभारी जगराम ने जल्द समस्या के समाधान कराने का आश्वासन दिया जिसे ग्रामीणों ने मानने से इंकार कर दिया और विभागीय अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग की। इसके बाद मामले की सूचना विभाग के एसडीओ मंदीप कुमार को दी गई। एसडीओ व जेई नरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों की परेशानियां सुनकर समाधान का आश्वासन देकर ताला खुलवाया। इससे पहले जल घर पर करीब दो घंटे ताला जड़ा रहा।
लिखित में लिया आश्वासन
ग्रामीणों को आश्वस्त करने पहुंचे एसडीओ और जेई को ग्रामीणों के गुस्से का सामना करना पड़ा। इस दौरान थोड़ी गहमागहमी भी हुई। इसके बाद जब विभागीय अधिकारी ग्रामीणों को मौखिक आश्वासन देने लगे तो ग्रामीणों ने लिखित रूप में आश्वासन मांगा। करीब आधा घंटे तक दोनों पक्षों में बातचीत का दौर चला और इसके बाद अधिकारियों ने लिखित में ढाई घंटे पेयजल आपूर्ति करने का आश्वासन देकरजाम खुलवाया।
जमीन भी दी और पानी भी नहीं मिलता...
- गांव ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास कर जल घर निर्माण के लिए करीब साढ़े आठ एकड़ जमीन मुफ्त दी थी। इस दौरान इन गांवों को प्राथमिकता से पानी देने पर विभाग ने सहमति जताई थी। अब नहर आने पर तो पेयजल सप्लाई दी जाती है लेकिन नहर बंद होते ही सप्लाई भी बंद कर दी जाती है।
राजीव यादव, सरपंच, रामनगर
- इन गांवों ने जो जमीन दी थी उस पर जल घर का निर्माण कराया गया था। इस जल घर से 45 प्रतिशत शहर को पेयजल आपूर्ति होती है लेकिन कपूरी व रामनगर में पिछले एक माह से पेयजल सप्लाई नहीं हुई है। जमीन देने के बाद भी लोगों के कंठ सूखे हैं और विभाग कोई कदम नहीं उठा रहा।
प्रहलाद यादव, पूर्व सरपंच
- रामनगर व कपूरी के ग्रामीण निजी सप्लाई पर निर्भर है। कुछ ग्रामीण आर्थिक रूप से कमजोर होने के चलते दूर-दराज के क्षेत्र से पानी लाने को विवश हैं। विभाग अब अपने वादे से मुकर रहा है और जमीन देने के बाद भी दोनों गांवों में नियमित पेयजल सप्लाई की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
धन सिंह, पूर्व सरपंच
- जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को गांवों में गहराए पेयजल संकट से कई दफा अवगत करा चुके हैं लेकिन इसके बावजूद भी विभागीय अधिकारियों ने कोई गंभीरता नहीं दिखाई। घरों में पेयजल किल्लत गहराई है और विवश होकर ही ग्रामीणों ने जल घर को ताला जड़ा है। समस्या का समाधान कराना चाहिए।
महेंद्र सिंह, ग्रामीण
ताला लगाने की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी। जन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को आश्वस्त कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने ताला खोल दिया। स्थिति सामान्य होने पर ही पुलिस टीम वापिस लौटी।
राजबीर सिंह, एसआई, सदर पुलिस थाना