मानसून की बारिश के मद्देनजर नगर परिषद ने शहर में बरसाती नालों की सफाई का काम शुरू कर दिया है। इस समय शहर के सभी दूषित एवं बरसाती पानी के नाले गाद व मिट्टी से अटे पड़े हैं। शहर में करीब एक दर्जन बरसाती एवं दूषित पानी के नाले हैं जिनके जरिए शहर का दूषित पानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांटों तक पहुंचता है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग ने अभी तक नालों की सफाई का काम शुरू नहीं करवाया है। ऐसे मेें कई बार प्री-मानसून की बारिश भी मुश्किलें बढ़ा देती है।
जून के अंतिम सप्ताह में मानसून संभावित है ऐसे में 15 जून से पहले शहर के सभी बरसाती नालों की सफाई जरूरी है ताकि बरसात आने पर पानी की निकासी करने में कठिनाई न हो और सीवरेज व्यवस्था जवाब न देने पाए। शहर की सीवरेज व्यवस्था वैसे ही लचर बनी रहती है। बिना बारिश के ही सीवरेज मेनहोल बैक मार रहे हैं ऐसे में बरसात से पहले इसे दुरुस्त किया जाना जरूरी बना हुआ है।
इस समय सबसे ज्यादा बदतर हालत बरसाती नालों की बनी हुई है। बरसाती नालों की नियमित रूप से सफाई एवं सफाई न होने की वजह से यह हालात बने हुए हैं। विभाग बरसाती सीजन में ही साल भर में एक बार इन नालों की सुध लेता है। उसके बाद इनकी सुध नहीं ली जाती। कई नालों की मरम्मत की भी जरूरत बनी हुई है। इस समय सदर पुलिस थाना के समीप सेे गुजर रहा बरसाती नाला कई जगह से टूटा हुआ है। यह शहर का मेन नाला माना जाता है इस नाले से ज्यादा मात्रा में पानी की निकासी संभव है।
यही स्थिति कमोबेश लोहारू रोड स्थित बरसाती नाले की बनी हुई है। यह नाला भी कंडम हो चुका है तथा जगह- जगह से मरम्मत भी मांग रहा है। इस नाले से बस स्टैंड एरिया का पानी निकाला जाता है। घिकाड़ा रोड बरसाती नाला इस समय झाड़ी व झूंडों से अटा पड़ा हैं। नाले में गाद और पॉलिथीन का जमाव बना हुआ है।
अब नगर परिषद ने शुरू किया काम
अब बरसाती नालों की सफाई के लिए नगर परिषद ने काम शुरू करवा दिया है। शनिवार को बस स्टैंड क्षेत्र से इस नाले की सफाई का काम शुरू किया गया। यह नाला करीब एक किलोमीटर लंबा है। यह भी शहर का मेन नाला माना जाता है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग ने नालों की छंटाई के लिए नौ लाख रुपये के बजट के टेंडर जारी कर दिए हैं। जल्द ही जनस्वास्थ्य विभाग भी इस काम शुरू करने की प्लानिंग में हैं लेकिन विभाग को यह काम आने वाले 10 रोज में हर हाल में पूरा करना होगा क्योंकि मानसून सीजन नजदीक है। मानसून से पहले प्री -मानसून की बारिश भी जनस्वास्थ्य विभाग के लिए मुश्किलें बढ़ा सकती है। इस लिहाज से जनस्वास्थ्य विभाग को इस दिशा में तेजी से काम शुरू करने की जरूरत है। कुछ नाले नगर परिषद ने तो कुछ नालों की छंटाई जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से पूरी की जानी है। जनस्वास्थ्य विभाग इस काम में अनावश्यक देरी कर रहा है जो शहरवासियों के लिए परेशानी बन सकती है।
इन नालों की कराई जाएगी सफाई
== इन सबके अलावा शहर के ढाणी फाटक से समसपुर बाईपास बरसाती नाला, ढाणी रोड नाला, कालेज रोड व रोहतक रोड नाले की भी छंटाई जल्द ही पूरी करना जरूरी है। ढाणी फाटक पर समय- समय पर सीवरेज लाइन ओवरफ्लो हो रही है जिससे दुकानदारों व राहगीरों को भारी परेशानी होती है। इसी नाले से शहर के करीब 45 प्रतिशत एरिया का दूषित एवं बरसाती पानी दिल्ली बाईपास एसटीपी तक पहुंचता है। पानी का ज्यादा प्रेशर बनने पर यह नाला जवाब देे देता है।
नगर परिषद की ओर से नालों की छंटाई का काम शुरू करवा दिया है। जल्द ही शहर के नालों की छंटाई का काम पूरा करवा दिया जाएगा। शहरवासियों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-सेनेटरी इंस्पेक्टर, विजय शर्मा, नगर परिषद