जिले के किसानों को नहीं आई रास भावांतर योजना, 389 ने कराया रजिस्ट्रेशन
चरखी दादरी।
प्रदेश सरकार की भावांतर योजना किसानों को रास नहीं आ रही। बागवानी विभाग के पास अब तक महज 389 किसानों ने ही इसके लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इसकी अंतिम तिथि भी बढ़ाई जा चुकी है। इसके बावजूद किसान अपना रजिस्ट्रेशन कराने में दिलचस्पी नहीं ले रहे। जिला बागवानी अधिकारी सुरेंद्र सिंहाग ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों की फसल का निरीक्षण सोमवार से शुरू कर दिया गया है और इसमें पटवारी की मदद भी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि विभाग के आंकड़े अनुसार दो से ढाई हजार एकड़ में भावांतर योजना से जुड़ी फसल (गोभी, आलू, टमाटर व प्याज) की बिजाई जिले में की गई है। बागवानी विभाग जहां किसानों का रजिस्ट्रेशन में कम रुझान दिखाने का कारण योजना की कम जागरूकता मान रहा है तो वहीं किसान नेता सरकार द्वारा निर्धारित संरक्षित मूल्य कम होना किसानों का इस योजना से मुंह मोड़ने का प्रमुख कारण बता रहे हैं। फिलहाल जिले के किसान 28 फरवरी तक इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।
जिला बागवानी अधिकारी ने बताया कि इसमें प्याज, आलू, टमाटर व गोभी फसल को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत उत्पादन अधिक होने पर अगर किसान को संरक्षित मूल्य से कम भाव मिलता है तो इसकी भरपाई प्रदेश सरकार करेगी। इसके लिए किसान को फसल बेचते समय आढ़ती से जे-फार्म लेना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में किसानों को जागरूक करने का विभाग की तरफ से प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसान को लंबी-चौड़ी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं है बल्कि घर बैठे ही वो ऑन लाइन इस प्रक्रिया को पूरी भी कर सकते हैं। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एचएसएएमबी डॉट जीओवी डॉट इन पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि इसके अलावा गांव भैरवी के किसान मॉडल स्कूल में स्थित जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने टमाटर का संरक्षित मूल्य चार रुपये निर्धारित किया है। जिले में करीब 1200 से 1500 हेक्टेयर में इस समय टमाटर की बिजाई की गई है। वहीं, गोभी का संरक्षित मूल्य भी चार रुपये निर्धारित किया गया हे और जिले में करीब 150 से 200 हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की बिजाई की गई है। वहीं, प्याज व आलू का संरक्षित मूल्य सरकार ने पांच रुपये निर्धारित कर रखा है और जिले में करीब 250 से 300 एकड़ में इनकी खेती की गई है।
बाक्स: ये दस्तावेज साथ लाएं किसान
जिला बागवानी अधिकारी सुरेंद्र सिहाग ने बताया कि रजिस्ट्रेशन कराने के लिए किसान को न तो जमीनी फरद साथ लानी होगी और न ही लंबी-चौड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। रजिस्ट्रेशन कराने का इच्छुक किसान अपनी बैंक पास बुक की कॉपी, आधार कार्ड की कॉपी व एक पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाए। इसके अलावा किसान को फसल का ब्यौरा व जमीन की जानकारी (किला नंबर) भी बतानी होगी। इसके बाद मौका देखा जाएगा और सब कुछ दुरुस्त मिला तो कम लागत मिलने पर किसान के नुकसान की भरपाई की जाएगी।
वर्जन::
जिले में करीब 390 किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया है। यह योजना किसान के हित में है। हमने रजिस्ट्रेशन कराने वाले किसानों की जमीन का निरीक्षण करना शुरू कर दिया है और इसमें पटवारी की भी मदद ले रहे हैं। योजना का लाभ उठाने के लिए किसान फसल बेचते समय आढ़ती से जे-फॉर्म अवश्य लें।
सुरेंद्र सिहाग, जिला बागवानी अधिकारी
वर्जन::
भावांतर योजना में चार और पांच-पांच रुपये संरक्षित मूल्य सरकार ने निर्धारित किया है, जो बेहद कम है। इतना मूल्य तो किसान को आढ़ती दे ही देगा। योजना के नाम सरकार झूठी वाहवाही लूट रही है, इससे किसानों को कोई फायदा नहीं है। निजी कंपनियों के साथ सरकार के नुमाइंदों ने गोटियां फीट कर रखी हैं।
सुनील पहलवान, प्रदेश अध्यक्ष, किसान जनहित समिति