फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सिवाना में हुई 7 गांवों की पंचायत में लिया गया फैसला, समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो युवा व महिलाएं करेंगे संसद कूच

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

झज्जर।
सिवाना में रविवार को कुछ मुद्दों को लेकर सात गांवों की पंचायत हुई। पंचायत बुलाने को लेकर जो मुद्दे बताए गए, उनमें गरीब परिवारों के प्लॉट, नहर में पानी न आने और लावारिस पशुओं की समस्या शामिल है। पंचायत में सिवाना के सरपंच हरिओम ने कहा कि गांव में बीपीएल परिवारों को दस साल पहले सौ गज के दिए गए थे लेकिन प्लॉटों की निशानदेही नहीं दी गई है। वहीं गांवों की पंचायत के दौरान ग्रामीणों ने लावारिस पशुओं की बात भी उठाई। अध्यक्ष हरिओम ने बताया कि इन गांवों में करीब 300 लावारिस पशु घूमते हैं जो किसानों की फसल को खराब कर देते हैं। प्रशासन से भी कहा गया है कि जल्द इन समस्याओं से निजात दिलाई जाए। पंचायत में कहा गया कि अगर 15 जनवरी तक हमारी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो गांवों के लोग युवा और महिलाएं संसद तक पैदल कूच करेंगे और प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौपेंगे।
विज्ञापन

सामूहिक विवाह का भी दिया न्यौता
पंचायत में बेटी बचाओ व सामूहिक विवाह को लेकर भी चर्चा की गई जिसमें सात पंचायतों ने अपनी सहमति जताई और बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ और सामूहिक विवाह कराओ का नारा दिया गया। पंचायत सदस्य ने बताया कि 14 जनवरी को सातों गांव की पंचायत फिर से होगी तथा बड़ा फैसला लेगी। वहीं 14 अप्रैल अंबेडकर जयंती पर सामूहिक विवाह करवाने की बात कही गई। पंचायत की अध्यक्षता कर रहे सिवाना के सरपंच हरिओम ने कहा कि जनवरी और फरवरी माह में कमेटी का गठन किया जाएगा।
विज्ञापन


सात गांवों की पंचायत का फैसला : समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो करेंगे संसद कूच
सिवाना में 14 को फिर होगी पंचायत
गरीब परिवारों को प्लॉट, नहरों में पानी न आना और लावारिस पशुओं की समस्या है प्रमुख
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें