अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
मध्य प्रदेश के मंदसौर में पुलिस फायरिंग में हुई पांच किसानों की मृत्यु से बहादुरगढ़ के किसान-मजदूर आहत हैं। वीरवार को आल इंडिया कृषक खेत मजदूर संगठन के बैनर तले किसानों ने शहर में प्रदर्शन किया। पकोड़ा चौक पर सरकार का पुतला फूंककर नारेबाजी की। इससे पहले शहर की छोटूराम धर्मशाला में आयोजित बैठक में संगठन ने इस जघन्य हत्याकांड की कड़े शब्दों में निंदा की।
संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण ने बताया कि आजादी के बाद से किसानों की मेहनत को लूट सिलसिला जारी है। सारा फायदा जमाखोर, बिचोलिए और कालाबाजारी ले रहे हैं। जिससे किसान अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। फसल आने पर भाव पिट जाते हैं और बाद में बढ़ा दिए जाते हैं। किसानों को बाजार के हवाले कर रखा है। खाद, बीज, कीटनाशक व डीजल के दाम बढने के कारण खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है। किसान कर्ज के बोझ बढ़ के नीचे दब रहा है और पूंजीपति मालामाल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से भी प्राइवेट बीमा कंपनियां मालामाल हो गई है और मुआवजा भी नहीं दिया।
चुनाव से पहले भाजपा ने स्वामीनाथन कमिशन की रिपोर्ट के आधार पर किसानों को लागत पर 50 प्रतिशत लाभ देने का वायदा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद मुकर गई।
संगठन ने केंद्र सरकार से मांग करता है कि इस घटना की हाईकोर्ट के सीटिंग जज से नायिका जांच करवाई जाए, गोली चलाने वाले पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करके मुकदमा चलाया जाए, मृतक किसानों के आश्रितों को आर्थिक सहायता व सरकारी नौकरी दी जाए। घायलों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने व सभी ग्रामीण गरीबों, खेत मजदूरों व किसानों के कर्ज माफ करने की मांग की। इस अवसर पर सुरेश कुमार, जिले सिंह, संतराम, दिलबाग, बलजीत, अशोक, देवेंद्र, रणबीर, सतबीर, उमेद सिंह दहिया, जयसिंह, रामबीर राठी, जगतसिंह, जगबीर, राकेश, हरस्वरूप, नरेश, लाल सिंह, सतीश, बिजेंद्र व नफे सिंह आदि उपस्थित रहे।