18जेएनडी27: जींद अनाज मंडी में लगी धान की ढेरियां। संवाद
जींद। जिलेभर की मंडियों में अब तक 14.21 लाख क्विंटल पीआर धान की आवक हुई है। इसमें से 11 लाख क्विंटल बिका है। उठान की गति बेहद कम होने के कारण नरवाना व जुलाना मंडी में परेशानी बनी है। रविवार को मंडियों में केवल उठान का काम चलेगा।
अनाज मंडी में धान की इस खरीफ सीजन के दौरान शनिवार को सबसे ज्यादा आवक हुई। इस कारण पूरी मंडी धान से अटी दिखाई दी। शनिवार तक यहां की नई अनाज मंडी में लगभग 70 हजार से ज्यादा क्विंटल धान की आवक हुई।
इसमें से लगभग 55 हजार क्विंटल धान की ही खरीद हो पाई। अब जिलेभर की मंडियों में धान की आवक बढ़ती जा रही है धान की आवक बढ़ने के साथ ही किसानों व आढ़तियों को मंडी में अब जगह की कमी सताने लगी है और लगभग 46 एकड़ में फैली इस अनाज मंडी में किसान को अपनी फसल डालने की जगह तलाश करनी पड़ रही है।
कॉमन प्लेटफार्मों पर अवैध कब्जे
मंडी के आढ़तियों ने नई अनाज मंडी के कॉमन प्लेटफार्मों पर अपने अवैध कब्जे जमा लिए हैं और अपने किसानों के अलावा अन्य किसानों को वहां फसल डालने से रोक रहे हैं, जबकि यह प्लेटफार्म हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा केवल किसानों के लिए ही बनाए गए हैं और कोई भी किसान कॉमन प्लेटफॉर्म पर कहीं भी अपनी फसल डालकर बेच सकता हैं।
धान के भाव गिरे
मंडी में धान की आवक बढ़ने के साथ ही इसके भावों में भी भारी कमी आई है। इस खरीफ सीजन के शुरुआती दौर में धान यहां 1992 रुपये प्रति क्विंटल तक बिक चुकी है। शनिवार को सुबह बोली पर धान के भाव 3100 क्विंटल थे जो दोपहर होने तक घटकर 2900 रुपये प्रति क्विंटल तक सिमटकर रह गये। इन भावों को देखकर किसानों को यहां काफी मायूसी हाथ लगी।
बिना बोली के बिक रही है धान
धान की आवक बढ़ने के साथ ही धान की बोली भी बंद हो गई है और हरियाणा कृषि उपज अधिनियम के विरुद्ध नई अनाज मंडी में धान बिना बोली के ही मोल भाव तय कर निजी खरीदारों द्वारा खरीद की जा रही है जबकि नियमों के मुताबिक मंडी में किसानों की फसल को बोली देकर खरीदने का प्रावधान है।