पंचायत की मौजूदगी में पार्षद- एसएचओ ने मिलाया हाथ
अमर उजाला ब्यूरो
बौंदकलां।
थाना प्रभारी और जिला पार्षद ने वीरवार शाम कहासुनी के बाद शनिवार को पंचायत की मौजूदगी में विवाद सुलटा लिया गया। जिप पार्षद महेंद्र सोनी और थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने पंचायत व डीएसपी हेड क्वार्टर सुरेश हुड्डा की मौजूदगी में हाथ मिलाकर गिले-शिकवे दूर किए। इससे पहले नोकझोंक के चलते शुक्रवार को सैकड़ों ग्रामीण थाने पहुंचे थे। वहीं, पुलिस प्रशासन ने अनहोनी की आशंका से थाना की सुरक्षा भी बढ़ा दी थी।
बौंदकलां के मनोज का झज्जर के किसी दूसरे पक्ष के साथ जमीन को लेकर कोई लेन देन था। इस मामले में दूसरे पक्ष ने मनोज चौधरी पक्ष पर सोने की चेन तोड़ने समेत नकदी छीनने का आरोप लगाया था। इसी मामले में दोनों पक्षों में सुलह करवाई जा रही थी लेकिन पंचायती तौर पर वीरवार को दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई थी। वहीं, जिला पार्षद महेंद्र सोनी और एसएचओ बौंदकलां इस मामले को लेकर आपस में उलझ पड़े थे। इसके बाद शुक्रवार को थाने में गांव बौंदकलां, बौंदखुर्द, रणकोली, निमड़ी, मालकोष और ऊण के ग्रामीणों का जमावड़ा लगा था। डीएसपी चरखी दादरी सुरेश कुमार हुड्डा शनिवार सुबह 11 बजे बौंदकलां थाने पहुंचे। उनकी मौजूदगी में सरपंच प्रतिनिधि गोबिंद सिंह ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों का रवैया पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रति काफी रूखा रहता है। इसके साथ ही थाना में कार्यरत एक हेड कांस्टेबल की कार्यशैली को लेकर उसका तबादला किए जाने की मांग की गई। इसके साथ ही कहा कि गांव में पुलिस नाका लगाकर चालान न करें। ग्रामीणों को पानी लेने कुओं व खेतों में जाना पड़ता है। इसके साथ ही बस स्टॉप तक मरीजों को भी बाइक से लाना पड़ता है। इस मौके पर सरपंच प्रतिनिधि बौंदकलां गोबिंद सिंह, पूर्व सरपंच विनोद परमार, बौन्दखुर्द सरपंच राधेश्याम शर्मा, सरपंच रणकोली प्रतिनिधि उदयपाल सुन्नी, सतपाल सिंह, सूबेदार धर्मपाल सिंह, मुकेश बईया, उमेश श्योरण ऊण, राजेश शर्मा, सुशील पंच, नरेश पंच, ओमप्रकाश शर्मा, अनिल पूर्व बीडीसी, पूर्व इंस्पेक्टर गंगाराम भट्ट, बजरंग सोनी, राजेंद्र प्रसाद जांगड़ा, अनिल जांगड़ा और अशोक नागर समेत सैंकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।
गलतफहमी के चलते दोनों में हुई गहमागहमी: डीएससपी
डीएसपी सुरेश हुड्डा ने कहा कि जिला पार्षद महेंद्र सोनी और एसएचओ में गलतफहमी के चलते कहासुनी हुई थी। दोनों में किसी प्रकार का कोई मतभेद भी नहीं है। पंचायत में डीएसपी ने एसएचओ विक्रम सिंह और जिला पार्षद महेंद्र सोनी का हाथ मिलवाकर विवाद खत्म करवाया। डीएसपी ने कहा कि आगे से पुलिस चालान गांव से बाहर करेगी। भविष्य में पुलिस कर्मचारियों का व्यवहार ग्रामीणों के प्रति गलत नहीं होगा। हेड कांस्टेबल जोरा सिंह का तबादला भी सोमवार तक करवा दिया जाएगा।