विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि मुख्यमंत्री हुड्डा लगातार बयानबाजी कर रहे हैं कि इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला व अजय सिंह चौटाला पर जेबीटी भर्ती में दर्ज मुकदमा उन्हीं के शासनकाल में हुआ है। यह सरासर गलत है। इस मामले में वे मुख्यमंत्री को खुली चुनौती देते हैं कि अगर इनेलो शासनकाल में मामला दर्ज हुआ हो तो वह राजनीति छोड़ देंगे। अन्यथा मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी छोड़ दें।
अभय सिंह इनेलो कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि 2003 में सुप्रीम कोर्ट ने जेबीटी भर्ती मामले में सीबीआई को जांच के आदेश दिए थे। 22 जून 2004 को कांग्रेस की सरकार बनने के दो दिन बाद 24 जून को सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की थी और उस एफआईआर में कहीं भी इनेलो सुप्रीमो और अजय सिंह चौटाला का नाम नहीं था, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही 120 बी के तहत ओमप्रकाश चौटाला और अजय सिंह चौटाला का नाम शामिल किया गया। अगस्त 2008 में सीबीआई से मिलकर एक षड्यंत्र के तहत मिलकर उनका नाम मुकदमे में शामिल किया गया था।
अभय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री एक षड्यंत्र के तहत जींद को पूरी तरह तोड़ना चाहते हैं, वे गोहाना को जिला बनाने के पक्ष में तो हैं, लेकिन जींद जिले को तुड़वाने के पक्ष में नहीं है। अगर जींद जिले से कोई छेड़छाड़ हुई तो इनेलो जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए आंदोलन के लिए उतारू हो जाएगी।
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर चुनाव के दौरान दंगे भड़काने का आरोप लगाते हुए अभय सिंह चौटाला ने कहा कि राहुल गांधी अब जनता के बीच में जाकर सिखों के खिलाफ बोलकर वोट लेना चाहते हैं। अब पूरे देश की जनता गांधी परिवार की असलियत जान चुकी है और गांधी परिवार के बहकावे में नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि पूरे देश में केवल इनेलो और शिरोमणि अकाली दल ही ऐसी पार्टियां है जिन्होंने सदैव कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोला है। दिल्ली विधानसभा चुनाव में वोट हासिल करने के लिए राहुल गांधी अनाप-शनाप बयानबाजी कर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।