बढ़िया नौकरी का झांसा देकर दिल्ली से 45 हजार रुपये में खरीदकर हरियाणा के जिला फतेहाबाद लाई गई 13 वर्षीय किशोरी को बंधक बनाने और दुराचार के प्रयास के तीनों आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार को अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सोनिका गोयल की अदालत में पेश किया।
अदालत ने आरोपियों में से पिता-पुत्र को न्यायिक हिरासत में हिसार जेल भेज दिया, जबकि बिचौलिए को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।
पुलिस के अनुसार, बिहार की रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी को दिल्ली की एक महिला ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर 45 हजार रुपये में फतेहाबाद में बेच दिया था।
वीरवार सुबह किशोरी पड़ोस में रहने वाले स्थित स्कूल के चपरासी चेतराम के घर पहुंची और आपबीती बताई।
चेतराम ने शोर मचाते हुए पड़ोसी अशोक दहिया को बुला लिया और उन्हाेंने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर जय सिंह, उसके बेटे सुनील और रिश्तेदार नन्हें (तीनों यूपी के निवासी) को केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
बीघड रोड पर बसंत लाल बजाज के खेत में तीनों आरोपी काम करते हैं, वहीं कमरे में तीनों ने किशोरी को बंधक बनाया हुआ था।
किशोरी ने पुलिस को बताया कि बुधवार रात को कमरे में सुनील ने नन्हें के साथ मिलकर उससे दुराचार का प्रयास किया।
किशोरी के मुताबिक उसके पिता की कुछ समय पहले मौत हो गई थी और उसकी मां बीमार है। मां के इलाज के लिए पैसे नहीं थे इसलिए वह दिल्ली आ गई। दिल्ली में एक घर में वह नौकरी कर रही थी।
कुछ दिन पहले एक महिला ने उसे बढ़िया नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और उसे फतेहाबाद में उक्त तीनों लोगाें के साथ भेज दिया। फतेहाबाद आने पर उसे तीनों ने बंधक बना लिया।