हरियाणा में लंबे समय से झोलाछाप डाक्टर अवैध गर्भपात और लिंग जांच की गतिविधियों में संलिप्त हैं, लेकिन सरकार के सामने यह सच छापे की कार्रवाई के बाद आया है।
पिछले 15 दिनों में राज्य में 243 झोलाछाप डाक्टरों पर छापेमारी की गई। जिसमें से 209 के खिलाफ मामले दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने इन मामलों में 209 एफआईआर दर्ज करवाई हैं। जिसमें से 22 पीएनडीटी और एमटीपी (मेडिकल टर्मिनेशन आफ प्रेगनेंसी) से संबंधित हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि शिशु मृत्यु दर और मातृ मृत्यु दर के बढ़े अंतर को समाप्त करने के लिए राज्य के सभी जिलों को सात जोन में बांटा गया है।
अब तक 16 जिलों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अधिकारियों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं।
इन बैठकों में सबंधित जिलों की विभागीय गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई। कुरुक्षेत्र 17वां जिला है, जहां पर इस संदर्भ में वीरवार को अधिकारियों की बैठक ली गई।
फरीदाबाद जोन के तहत पलवल, मेवात और फरीदाबाद जिले आते हैं, जिनमें 62 झोलाछाप डाक्टरों की चेकिंग की गई। जिनमें से 7 पलवल, 30 मेवात और 25 फरीदाबाद जिले से संबंधित थे।
सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फरीदाबाद में 25 में से 2 मामले पीएनडीटी से संबंधित थे। इसी प्रकार करनाल जोन में सोनीपत, पानीपत और करनाल जिले आते हैं।
इस जोन में 32 की चेकिंग की गई, जिनमें से 15 सोनीपत से, 6 करनाल से तथा 11 पानीपत से पाए गए।